JharkhandRanchi

मॉब लिंचिंग को लेकर दायर की गयी जनहित याचिका

Ranchi: राज्य में लगातार हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ मंगलवार को हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी. मॉब लिंचिंग पर आमया की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी. इस याचिका में कहा गया है कि साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किये थे, लेकिन इन दिशा-निर्देशों का राज्य में पालन नहीं किया जा रहा है. मॉब लिंचिंग की घटना होने फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर मामले की त्वरित सुनवाई करने का निर्देश दिया गया था.

इसे भी पढ़ें – BJP सांसद समीर उरांव ने कहा था : जमीन दे दो, सत्ता में आते ही लगा देंगे नौकरी, देखें वीडियो

याचिकाकर्ता एस अली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद से राज्य में लगातार मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं. एक-दो मामलों को छोड़ किसी में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं हुआ. साथ ही लगातार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लघंन राज्य में किया गया. यदि इन आदेशों का पालन राज्य में किया जाता तो मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगायी जा सकती थी.

लातेहार बालूमाथ से लेकर सरायकेला की घटना के बारे में बताया

दायर याचिका में 19 फरवरी 2016 को बालूमाथ, लातेहार में गौ रक्षा के नाम पर दो लोगों की हत्या से लेकर 17 मई 2019 को घटित तबरेज असांरी के मामले पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि किस तरह राज्य में लगातार मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं. राज्य सरकार की ओर से रोक लगाने की कोई पहल नहीं की गयी. इसमें बताया गया है कि किस तरह पुलिस की ओर से इन घटनाओं को बढ़ावा दिया गया. हाइकोर्ट से मॉब लिंचिंग पर उचित आदेश राज्य सरकार को देने की मांग की गयी है. अब तक राज्य में 18 हत्याएं मॉब लिंचिंग से हुई हैं.

इसे भी पढ़ें – भाजपा सांसद समीर उरांव के भाई के सीएनटी जमीन खरीदने पर कांग्रेस ने बोला जोरदार हमला, कहा- भ्रष्टाचार में लिप्त है रघुवर सरकार

पंकज कुमार यादव ने भी दायर की है जनहित याचिका

इसके पूर्व सरायकेला के धातकीडीह गांव में 17 जून को तबरेज अंसारी की भीड़ की पिटाई के बाद 25 जून को भी एक जनहित याचिका दायर की गयी. याचिकाकर्ता पंकज कुमार यादव के वकील राजीव कुमार ने इसे दायर किया. इसमें सीबीआइ से पूरे मामले की जांच की मांग की गयी. पीआइएल में वर्ष 2016 से अब तक राज्य में 18 लोगों के मारे जाने का हवाला दिया गया है. इसके पूर्व सरायकेला खरसावां में तबरेज असांरी की हत्या के बाद खरसावां के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है. जिसमें तत्कालीन खरसावां थाना प्रभारी चंद्रमोहन उरांव और सिनी के ओपी प्रभारी सहायक अवर निरीक्षक विपिन बिहारी सिंह को एसपी कार्तिक एस ने निलंबित किया था.

इसे भी पढ़ें – दिल्ली पहुंचे ममता के करीबी शोभन चटर्जी, थामेंगे भाजपा का दामन

Related Articles

Back to top button