
Ranchi : बीजेपी सांसद समीर उरांव के भाई अनिल उरांव के द्वारा सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीदने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. मंगलवार को कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री नियेल तिर्की ने प्रेस वार्ता कर कहा है कि वर्तमान बीजेपी सरकार में आदिवासी-मूलवासी की जमीन अंधाधुंध तरीके से लूटी जा रही है. जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप मुख्यमंत्री रघुवर दास लगाते हैं, लेकिन इसके उलट बीजेपी सांसद के भाई ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर अरगोड़ा थाना अंतर्गत जमीन ले ली, जो एक्ट की धारा 46 का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि जो रघुवर सरकार भ्रष्टाचार को मिटाने का दावा करती है, वही आज खुद भ्रष्टाचार में लिप्त है.
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न्यूज विंग ने सबसे पहले चलायी थी खबर
मालूम हो कि बीजेपी सांसद समीर उरांव के भाई द्वारा सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीदने की खबर न्यूज विंग ने सबसे पहले चलायी थी. “भाजपा सांसद समीर उरांव के भाई अनिल ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर खरीदी 77 लाख की जमीन, रैयतों को मिले मात्र पांच लाख” शीर्षक से चली खबर में कहा गया था कि बीजेपी भाजपा सांसद समीर उरांव के भाई अनिल उरांव ने जिस जमीन को खरीदा है, उसका पैसा रैयतों को नहीं दिया गया. रैयतों के द्वारा पैसा मांगे जाने पर डराने-धमकाने की बात भी सामने आयी.
पूर्व डीजीपी की पत्नी की जमीन का मामला भी जांच तक रहा सीमित
नियेल तिर्की ने कहा कि आदिवासियों के हितैषी होने का दावा करनेवाली बीजेपी सरकार में आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है. जहां इनकी जमीन को लूटा जा रहा है, वहीं खतियान नहीं रहने पर जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाने, भूमि बैंक के नाम पर आदिवासी-मूलवासियों को बेदखल करने, चर्च की जमीन की जांच की मांग कराने की पहल बीजेपी द्वारा की गयी है. पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी के नाम पर गैरमजरुआ जमीन खरीदी गयी. जब मीडिया में यह खबर आयी, तो सरकार ने जांच की बात कह कर मामले को दबाने की कोशिश की.
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योगगुरु स्वामी रामदेव सहित तमाम संस्थाओं की जमीन की जांच की मांग
सिमडेगा के गरजा ग्राम के गुरगुट टोली का जिक्र करते हुए नियेल तिर्की ने कहा कि यहां पर 15 एकड़ 38 डिसमिल जमीन, जो वहां के आदिवासी-मूलवासी किसानों को भू-दान एवं बंदोबस्ती के आधार पर दी गयी थी, वहां दमनात्मक रुख अतियार कर पांच महिलाओं को जेल भेज दिया गया. बीजेपी सांसद समीर उरांव, विधायक शिव शंकर उरांव, गंगोत्री कुजूर व रामकुमार पाहन द्वारा यह कहा जाना कि ईसाई आदिवासियों को जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जायेगा, सही नहीं है. अगर ऐसा है, तो कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि जिन सरना समुदाय से जुड़े लोगों ने अन्य धर्म को स्वीकार किया है, उनके ऊपर भी जांच कर उनका भी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने दिया जाना चाहिए. नियेल तिर्की ने मांग की कि चर्च की जमीन की जांच की मांग करनेवाली तमाम संस्थाओं और योग गुरु स्वामी रामदेव को राज्य सरकार द्वारा दी जमीन की भी जांच की जाये.
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