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पावर सीओ काः रातू सीओ ने सिकमी नेचर की जमीन का किया म्यूटेशन, जमीन खरीदी मां और रिश्तेदारों ने

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Ranchi: रातू के अंचलाअधिकारी (सीओ) अमर प्रसाद ने सिकमी जमीन का म्यूटेशन कर दिया. म्यूटेशन उनकी मां और रिश्तेदार के नाम पर हुआ है. मामला रातू ब्लॉक के मुरगू मौजा का है. इस मौजा की खाता संख्या-2, प्लॉट संख्या-49 की जमीन बेच दी गयी है. जमीन सिकमी नेचर की है. सिकमी नेचर की कई एकड़ जमीन का म्यूटेशन सीओ अमर प्रसाद ने कर दिया. आरोप है कि म्यूटेशन गलत तरीके से किया गया.

आरोप यह भी है कि सीओ अमर प्रसाद के रिश्तेदारों के नाम भी करीब 1.5 एकड़ का भूखंड इसी सिकमी नेचर के प्लॉट से खरीद की गयी. उर्मिला गुप्ता, पति बलेदस प्रसाद को 40 डिसमिल जमीन बेची गयी है और अमित गुप्ता पिता उमेंद्र प्रसाद को 5 डिसमिल जमीन इसी खाता संख्या से बेची गयी है. उर्मिला गुप्ता सीओ अमर प्रसाद की मां हैं और अमित गुप्ता रिश्तेदार. सिकमी नेचर की बाकी जमीन को भू-माफिया ने अन्य दूसरे लोगों को बेची है.

सीओ अमर प्रसाद की मां हैं उर्मिला गुप्ता

सिकमी नेचर की 40 डिसमिल जमीन का म्यूटेशन उर्मिला गुप्ता के नाम से किया गया है. उर्मिला गुप्ता, सीओ अमर प्रसाद की मां हैं. जिस अमित गुप्ता ने सिकमी नेचर की पांच डिसमिल जमीन खरीदी है, वह सीओ अमर प्रसाद का रिश्तेदार है और रातू सीओ कार्यालय में ही ऑपरेटर का काम करता है. इसी तरह से सिकमी नेचर के अन्य भू-खंडो को भी सीओ ने गलत तरीके से म्यूटेशन कर दिया है. खाता संख्या-2 में से ही 40-40 डिसमिल जमीन का म्यूटेशन अरविंद कुमार सिंह एवं मनोज कुमार सिंह के नाम किया गया है. बताया जा रहा है कि दोनों सीओ के करीबी हैं.

नहीं हो सकती सिकमी नेचर की जमीन की खरीद बिक्री

झारखंड में सिकमी जमीन रैयत द्वारा मालगुजारी के तहत प्रदान की जाती है. इस जमीन पर मालगुजारी प्राप्त व्यक्ति पूरे जीवन इसका उपयोग मालगुजारी के लिए कर सकता है. लेकिन इस नेचर की जमीन की खरीद-बिक्री नहीं की जा सकती. जमीन पर मालिकाना हक रैयतधारी का होता है. लेकिन इस जमीन का म्यूटेशन नहीं किया जा सकता है. रातू ब्लॉक के मौजा- मुरगू के खाता संख्या 02 में सिकमी जमीन को मालगुजारी प्राप्त व्यक्ति के माध्मय से बेच दिया गया, जो कि पूरी तरह से गलत है.

डीसीएलआर करेंगे जांचः डीसी

न्यूज विंग के संवाददाता से बात करते हुए रांची के डीसी राय महिमापत रे ने कहा कि आपके द्वारा बात संज्ञान में लायी गयी है, इसकी जांच कार्यालय खुलते ही डीसीएलआर से करायी जायेगी. जरा सी भी अनियमितता पायी गयी तो सीओ अमर प्रसाद पर कार्रवाई होगी.

जमीन सिकमी नेचर की नहीं, यह रैयती हैः अमर प्रसाद

रातू के सीओ अमर प्रसाद का कहना है कि जिस जमीन की बात हो रही है, वो जमीन सिकमी नेचर की नहीं है. यह जमीन खाता नंबर दो में है. खाता नंबर दो में वही जमीन होती है जो रैयती होती है. ऑन लाइन इंट्री के वक्त रैयत के बजाय इसकी इंट्री सिकमी हो गयी, जो एक तकनीकी चूक है. रिकॉर्ड रूम से खाता नंबर दो निकाल कर देखा जा सकता है.  इस जमीन के रैयत का नाम पशुपति नाथ तिवारी था.

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