GiridihJharkhand

#Giridih के पीरटांड़ के ठेकेदार निरंजन सिंह हत्याकांड में शामिल दूसरे हार्डकोर माओवादी देबु टुडु को पुलिस ने भेजा जेल

  • खेताडाबर गांव के तालाब निर्माण में लेवी नहीं देने पर माओवादियों ने जंगल में घेर कर की थी हत्या

Giridih: दो साल पहले हुए गिरिडीह के पीरटांड़ के खेताडाबर के ठेकेदार निरंजन सिंह हत्याकांड में शामिल हार्डकोर माओवादी देबु टुडु को मुफ्फसिल थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया.

हालांकि देबु के पास से पुलिस ने कोई हथियार बरामद नहीं किया है. आरोपी माओवादी देबु टुडु को मुफ्फसिल थाना पुलिस ने गुरुवार की मध्य रात्रि उसके खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह स्थित आवास से गिरफ्तार किया.

शुक्रवार को उसे पुलिस ने जेल भेज दिया. जानकारी के अनुसार पीरटांड़ थाना क्षेत्र के खेताडाबर गांव के रहनेवाले निरंजन सिंह की हत्या देबु टुडु ने पीरटांड़ इलाके के अपने सहयोगी माओवादी के साथ मिल कर कर दी थी. जिसमें एक माओवादी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है.

इसे भी पढ़ें – ..तो त्रिवेणी सैनिक कंपनी चला रही है “विलेज मोबेलाइजेशन फोर्स” नामक गुंडा गिरोह

दो साल बाद हुई गिरफ्तारी

वहीं दो साल बाद गुरुवार की देर रात उसे पुलिस ने दबोचा. हालांकि पुलिस के हत्थे चढ़ा देबु टुडु माओवादी है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. पुलिस की मानें तो देबु टुडु ने ही पीरटांड़ के हार्डकोर माओवादी के सहयोग से निरंजन सिंह की हत्या की थी.

इसे भी पढ़ें – आठ जनवरी को ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल, देश के सभी मजदूर संगठन और बैंकिंग संगठन शामिल होंगे

हत्या के बाद से ही आरोपी देबु टुडु फरार चल रहा था. इसी बीच गुरुवार को गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने खुखरा पुलिस के सहयोग से देबु टुडु को दबोचने में सफलता पायी.

बतातें चलें कि खेताडाबर गांव में एक तालाब निर्माण की ठेकेदारी को लेकर माओवादियों ने निरंजन सिंह से लेवी की मांग की थी. माओवादी द्वारा लेवी की मांग को निरंजन सिंह ने देने से इंकार कर दिया था.

इसके बाद साल 2017 के मई माह में पीरटांड़ से गिरिडीह जाने के क्रम में खेताडाबर से करीब 15 किमी दूर जंगल में गला रेत कर हत्या कर दी थी. जिस वक्त निरंजन सिंह खेताडाबर से गिरिडीह जा रहे थे, उस वक्त निंरजन के साथ उनका दोस्त साथ था.

माओवादियों ने दोनों की बाईक को जंगल में रोकने के साथ उनकी बाईक को जहां छीन कर जंगल में छिपा दिया था, वहीं घटना के दौरान माओवादियों ने निरंजन के दोस्त को छोड़ दिया. जबकि निरंजन की हत्या कर दी. हत्या के बाद मुफ्फसिल थाना पुलिस को जांच के क्रम में जो तथ्य मिले, उसके अनुसार निरंजन सिंह हत्याकांड में देबु टुडु के साथ उसके सहयोगी के हाथ होने की बात साफ हुई.

इसके बाद मृतक ठेकेदार की पत्नी के आवेदन पर पुलिस ने थाना कांड संख्या 141/17 दर्ज कर पीरटांड़ के इलाके से देबु के सहयोगी को दबोचने में सफल हुई थी.

इसे भी पढ़ें – #LoC: भारत-पाक के बीच तनाव गहराया, चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button