
Giridih: जिला खनन निरीक्षक के आवेदन के आधार पर गिरिडीह के बेंगाबाद थाना पुलिस ने अवैध विस्फोटक रखने के आरोप में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसमें एक आरोपी कोडरमा के नवलशाही निवासी अशोक साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जबकि फरार तीन आरोपियों नवलशाही के अनिल साव, बेंगाबाद थाना क्षेत्र के अरतोका गांव निवासी अब्दुल कादिर, और हलीम को दबोचने के लिए छापेमारी कर रही है.
जानकारी के अनुसार अशोक साव मुंशी का काम करता है. जबकि बेंगाबाद के अरतोका गांव स्थित बंद पड़े पत्थर खदान में गुप्त सूचना के आधार पर जब खनन निरीक्षक अभिजीत कुमार ने छापेमारी कर विस्फोटक पदार्थ बरामद किया. इस दौरान जानकारी मिलने के बाद बेंगाबाद थाना प्रभारी शशिकांत सिंह भी पुलिस जवानों के साथ पहुंचे. पूछताछ में यह बात सामने आई कि अरतोका गांव से सटे जंगल इलाकें में दो साल पहले किसी बंटी सिंह का पत्थर खदान संचालित था. जिसका लीज खत्म हो चुका था. लीज खत्म होने के बाद भी इस खदान को अवैध तरीके से हलीम, अब्दुल कादिर और अनिल साव कर रहा था. क्योंकि जंगल के जिस हिस्से में अवैध तरीके से खदान संचालित था, उस प्लॉट का मालिक ही अब्दुल कादिर था. लिहाजा, तीनों मिलकर अवैध तरीके से खदान का संचालन कर रहे थे, और अशोक साव को मुंशी के रुप में रखे हुए थे. इतना ही नही खदान में अवैध तरीके से विस्फोटक कर पत्थर निकाला जाता था. और यही वजह है कि तीनों बिजनेस पार्टनर के इस अवैध खदान के समीप आईडियल कंपनी का 140 पीस जिलेटीन और 14 पीस डेटोनेटर एक बोरे में बंद कर उसे पत्थरों के ढेर में छिपाकर रखा गया था. पूछताछ में यह भी बात सामने आई कि खदान चलाने के लिए बिजली के वैद्य कनेक्शन का इस्तेमाल अनिल साव के नाम पर किया जा रहा था. लेकिन इतने जंगल इलाके में बिजली कनेक्शन कैसे मिला, इसपर खनन विभाग ने सवाल उठाए हैं. क्योंकि पूरा इलाका वन भूमि क्षेत्र में पड़ता है.




