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PANCHAYAT CHUNAV : झारखंड की राजनीति में हॉट केक बना पंचायत चुनाव

विपक्ष के साथ साथ सहयोगी दलों का सरकार पर बढ़ रहा है दवाब

Political Editor

Ranchi: झारखंड की राजनीति में पंचायत चुनाव हॉट केक बनता जा रहा है. विपक्ष तो विपक्ष अब सरकार में शामिल दलों ने भी जल्द पंचायत चुनाव कराने को लेकर सरकार पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है. प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के साथ अब आजसू ने भी पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की नियत पर सवाल खड़े किये हैं.
वहीं हेमंत सरकार की प्रमुख सहयोगी दल कांग्रेस के विधायकों ने भी शुक्रवार को मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान राज्य में जल्द पंचायत चुनाव कराने की मांग की थी. मालूम हो कि राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तरफ से पंचायत चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर रखी है. आयोग को सिर्फ सरकार से हरी झंडी मिलने का इन्तजार है. सनद रहे कि पंचायती राज विभाग कांग्रेस के पास है.

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पंचायत चुनाव में जाने से डर रही है सरकार : भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पंचायत चुनाव में जाने से डर रही है. कहा कि सरकार को यह भय सता रहा है कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने जनहित में कोई ऐसा काम नहीं किया है कि वह जनता का सामना कर सके. कोरोना का बहाना कर पिछले दो वर्षों से इसे टाला जा रहा है. जबकि इसी अवधि में राज्य में तीन-तीन विधानसभा के उपचुनाव हो चुके हैं. इतना ही नहीं झारखंड के पडोसी राज्य बिहार में पंचायत चुनाव हो रहा है.

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र में विकास के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि भाजपा की शुक्रवार को संपन्न प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की बैठक में भी पंचायत चुनाव को लेकर लम्बी चर्चा हुई है. कहा कि अगर सरकार जल्द पंचायत चुनाव कराने का निर्णय नहीं लेती है तो भाजपा इसके खिलाफ राज्यव्यापी आन्दोलन करेगी.

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पंचायत चुनाव क्यों टाल रही है सरकार, सार्वजनिक करे : सुदेश महतो

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि सरकार को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि पंचायत चुनाव क्यों टाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव सिर्फ चुनाव मात्र नहीं है बल्कि गांव के नेतृत्व को उभारने का अवसर भी है. यह गांव को सरकारी तंत्र के नजदीक लाने का भी अवसर है, लेकिन पंचायत चुनाव को लेकर वर्तमान सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं है.

आजसू प्रमुख ने कहा कि दो साल से झामुमो महागठबंधन की सरकार इस मामले में टालमटोल कर रही है. हेमंत सरकार के दो साल में पंचायती राज व्यवस्था के जरिए कितने काम हुए इसपर भी श्वेत पत्र जारी करना चाहिए.

 

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