
Palamu : पलामू जिले के पांकी के चर्चित स्वास्थ्यकर्मी दयाशंकर हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस मामले में पुलिस ने दयाशंकर की पत्नी एवं उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है. उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, सिलवट एवं लोढ़ा के अलावा खून लगी हुई काले रंग का टी-शर्ट एवं मोबाईल आदि बरामद किये गये हैं.
प्रेम संबंध में की गयी हत्या
पुलिस की जांच में जो बात सामने आयी है उसके अनुसार दयाशंकर की पत्नी ने ही अपने कथित प्रेमी अखिलेश कुमार से मिलकर अपने पति की हत्या कराई थी. पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा ने बताया कि 30 मई को दयाशंकर प्रसाद की हत्या उसके आवास पर ही कर दी गयी थी. यह मामला 31 मई को पांकी थाना में दर्ज कराया गया.
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दयाशंकर के छोटे भाई पर दर्ज हुआ था मामला
दयाशंकर की पत्नी द्वारा दर्ज करायी गयी हत्या की प्राथमिकी में पांकी निवासी और मृतक दयाशंकर के छोटे भाई रामजी प्रसाद गुप्ता एवं मिथलेश उर्फ मंटू चौरसिया को संदेही अभियुक्त बनाया गया था. एसपी ने बताया कि कांड का अनुसंधान करते हुए पुलिस द्वारा मोबाईल का सीडीआर प्राप्त किया गया. जिसके आधार पर शक की सुई पत्नी और प्रेमी की तरफ घूम गयी.
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हजारीबाग से पत्नी और प्रेमी हुए गिरफ्तार
हत्या में दयाशंकर की पत्नी के प्रेमी की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें हजारीबाग के बड़कागांव से गिरफ्तार किया गया. पकड़े जाने के बाद अखिलेश ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसका प्रेम संबंध दयाशंकर की पत्नी श्वेता गुप्ता उर्फ अल्फा के साथ शादी के पूर्व से ही था. उसने बताया कि अल्का उर्फ श्वेता का विवाह 2011 में दयाशंकर के साथ हुआ.
शादी के बाद भी मिलते थे दोनों
अखिलेश ने बताया कि शादी के बाद भी पांकी आकर चोरी-छुपे श्वेता से मिला करता था. अखिलेश के हवाले से एसपी ने बताया कि 26 मई को अखिलेश हजारीबाग से पांकी आया था और 27 को वह श्वेता के साथ हजारीबाग लौट गया था. हजारीबाग लौटने के क्रम में ही दोनों ने मिलकर दयाशंकर की हत्या की योजना बनाई थी. अखिलेश के अनुसार श्वेता के कहने पर ही वह 30 मई को पांकी आया और रात में उसके घर में घुसकर सोयी अवस्था में सिलवट तथा लोढ़ा से मारकर दयाशंकर की हत्या कर दी.
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