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पलामू: मनातू के कुंडिलपुर में तिहरे हत्याकांड से पहले और बाद में क्या हुआ जानने के लिए पढ़े यह खास रपट

Dilip kumar

palamu :  पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती और घोर नक्सल प्रभावित कुंडिलपुर इन दिनों तिहरे हत्याकांड के लिए चर्चा में है. जमीन विवाद में शुक्रवार को हुई खूनी झड़प में यहां एक दंपति सहित 3 की हत्या हो गयी थी. हत्या के बाद घटनास्थल पर पुलिस का पहुंचना जहां चुनौतीपूर्ण रहा, वहीं मौके से शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर एमएमसीएच में भेजना काफी तकलीफदेह रहा.

घटना के बाद जहां गांव में भय का माहौल है, वहीं ग्रामीण इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं. इससे पुलिस की चुनौती और बढ़ी हुई है.

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35 किलोमीटर के सफर में लग गये 4 घंटे

बिहार की सीमा से सटे कुंडिलपुर पहुंचना पुलिस और सीआरपीएफ के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा. मनातू से  कुंडिलपुर की दूरी घुमावदार रास्ते से 35 किलोमीटर है. एक रास्ता पहाड़ों के बीच से गुजरा है. 35 किलोमीटर दूरी को पूरा करने में पुलिस को 4 घंटे का सफर तय करना पड़ा. जंगल और पहाड़ों से घिरे इस इलाके को पार करते समय पलामू पुलिस कुंडिलपुर का रास्ता भटक गयी. रास्ते में एक जंगली नाले को चार बार पार करना पड़ा. इस कारण उसे चार घंटे का सफर तय करना पड़ा.

सीआरपीएफ अलग रास्ते से पहुंची मौके पर

कुंडलीपुर में जाने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ ने अलग-अलग रास्तों का चयन किया. सघन जंगली इलाके से जहां सीआरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची. वहीं जिला पुलिस मनातू भाया सलैया होते हुए बाइक से कुंडलीपुर पहुंची. सीआरपीएफ को करीब 22 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा. जबकि जिला पुलिस को 35 किलोमीटर घुमावदार रास्ते पर चलना पड़ा.

कुंडलीपुर जाने के लिए किसी तरह की कोई सड़क नहीं है. जंगल और पहाड़ों की पगडंडियों को पकड़कर यहां पहुंचा जाता है. इस कारण वारदात के बाद पुलिस को यहां पहुंचना काफी मुश्किलों भरा रहा. जिला पुलिस जहां शनिवार की सुबह 7 बजे चलकर मौके पर 11 बजे पहुंची. वहीं सीआरपीएफ अभियान चलाते हुए करीब 11:30 बजे पहुंची.

शुक्रवार को क्या हुआ था गांव में?

कुंडलीपुर के लिए शुक्रवार का दिन काला साबित हुआ. सुबह-सुबह जमीन के पुराने विवाद को लेकर नक्सली प्रकाश सिंह और स्थानीय ग्रामीण विनोद सिंह के बीच शुरुआती विवाद हुआ. इसके बाद मामला शांत हो गया.  लेकिन शाम ढलते ही इस विवाद ने उग्र रूप ले लिया. नक्सली प्रकाश सिंह की 10 वर्षीय पुत्री के अनुसार उसके पिता – मां और एक छोटी बहन घर में थे. इसी बीच विनोद सिंह वहां शराब के नशे में पहुंचा और उसके पिता को गंदी गंदी गालियां दी. साथ ही घर से बाहर निकलने को ललकारा. उसके पिता इसे बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने उसे गोली मार दी. इसके बाद जो हुआ, उसे देख कर उसके रोंगटे खड़े हो गये.

बच्ची ने बताया कि गोली लगते ही विनोद सिंह के घर के लोग उसके पिता और मां को पीटने लगे. घर में आग लगा दी और उसकी 2 वर्षीय बहन को उठाकर पटक दिया. उसे भी मारने की कोशिश की गयी, लेकिन वह वहां से जान बचाकर भागी और छिप गयी. देखा कि बाद में गांव के कई लोग वहां जुट गये और सभी ने मिलकर उसके पिता और मां को पीट-पीटकर मार डाला.

उठा कर पटक देने से उसकी छोटी बहन के सिर में चोट आई है. घटना के बाद दोनों बहनों को शनिवार की रात मनातू थाना में रखा गया. उनका इलाज किया गया है. उसके माता पिता की मौत के बाद उनके अंदर काफी भय का माहौल बना हुआ है. अब उनके साथ क्या होगा? यह जानकर काफी डर लग रहा है. फिलहाल दोनों बच्चियों को चतरा के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के कलेंडा उसकी मौसी के घर भेज दिया गया है.

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गांव में पसरा है मातम

घटना के बाद से कुंडलपुर गांव में मातम पसरा हुआ है. 30 से 35 घरों का परिवार सहमा नजर आया. पुलिस जब मौके पर पहुंची तब कोई भी ग्रामीण कुछ भी बताने से तैयार नहीं था. दरवाजे से बाहर भी कोई नहीं निकल रहा था. हालांकि पुलिस की ओर से उन्हें समझाया गया. बताया गया कि जानकारी देने के बाद ही पुलिस कुछ कार्रवाई कर सकती है.

इसके बाद घटना स्थल से सटे दो चार घरों के लोग बाहर निकले और पुलिस को जानकारी दी. मुनारिक भुइयां ने कहा कि घटना में विनोद सिंह के घरवालों के अलावा गांव के कई लोग शामिल थे. प्रकाश पार्टी में (नक्सली संगठन) रह रहा था. छह-सात महीने से वह बाहर था.

हफ्ता दिन पहले वह घर आया था. प्रकाश और विनोद के बीच जमीन का एक पुराना विवाद था. प्रकाश उस पर जबरन दावा करता था. जबकि उसके पास जमीन से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं थे. कई बार गांव में पंचायत भी हुई थी, लेकिन प्रकाश उस जमीन को छोड़ने को तैयार नहीं था. इससे दोनों के बीच विवाद चल रहा था.

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छह चिन्हित, गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज: एसडीपीओ

लेस्लीगंज के एसडीपीओ अनूप बड़ाईक ने बताया कि कुंडलीपुर की घटना मूल रूप से जमीन विवाद से जुड़ी है. घटना शुक्रवार की रात 7 से 8 बजे के करीब की है. गोली चलने की घटना के बाद आसपास के घरों के कि लोग जुट गये थे, लेकिन  दंपति की हत्या में आधा दर्जन लोग ही शामिल थे.

उनकी पहचान कर ली गयी है. सभी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के द्वारा एक बार फिर से कुंडलीपुर में अभियान शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि सभी की गिरफ्तारी के बाद ही उनकी पहचान सार्वजनिक की जाएगी. अभी 6 लोग चिन्हित किए गये हैं. कई अन्य लोगों के भी नाम भी इस घटना में सामने आ रहा हैं, लेकिन पुलिस की कोशिश है कि निर्दोष को इस घटना में फंसने न दिया जाए. गांव के सभी लोगों की इस घटना में संलि्तता नहीं है.

इसलिए पूरे मामले में पारदर्शी तरीके से छानबीन की जा रही है.

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