
Palamu : झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने बाल गृह व सम्प्रेषण गृह का निरीक्षण किया. मौके पर बच्चों ने न्यायमूर्ति का स्वागत गीत गाकर व अपने हाथों से निर्मित पेंटिंग देकर किया. उपायुक्त शशि रंजन ने न्यायमूर्ति एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए संप्रेषण गृह एवं बाल गृह के बारे में जानकारी दी. बाल गृह में अभी 76 बच्चे रह रहे हैं.
इस अवसर पर प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौबे, जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम संतोष कुमार, पुलिस अधीक्षक चन्दन कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त मेघा भारद्वाज, किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल, सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार कुमार विपुल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी, संप्रेषण गृह व बालगृह के अधीक्षक के अलावा दर्जनों लोग उपस्थित थे.
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उपायुक्त ने बाल गृह व संप्रेषण गृह के बच्चों के लिए आधारभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था, किशोर न्याय अधिनियम के तहत दी जाने वाले सुविधाओं के बारे में जानकारी दी. बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मनोरंजन से संबंधित व्यवस्थाएं के बारे में जानकारी दी.
न्यायमूर्ति ने बच्चों के प्रतिभा की प्रशंसा की. उन्होंने बच्चों के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण, खेलकूद सामग्री, पठन-पाठन सामग्री आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया.
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उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को प्रत्येक महीने के 30 तारीख को जन्म दिवस के रूप में मनाना चाहिए. इससे बच्चों के उत्साह में संचार होगा.
उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए. यह भी हमारे समाज के अभिन्न अंग हैं. सरकार द्वारा प्रदत सुविधाएं इनको मिलनी चाहिए.
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