
Palamu: पलामू जिले के छतरपुर पूर्वी वन क्षेत्र में एक नर हिरण शिकार होने से बाल-बाल बच गया.
पानी पीते देखकर कुछ ग्रामीणों ने हिरण का शिकार करने की कोशिश की, लेकिन बदहवास दौड़ कर हिरण भागने लगा और पास के एक कुएं में गिर गया.
नतीजा शिकारियों की मंसूबे सफल नहीं हो सके. बाद में वन विभाग के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने किसी तरह हिरण को कुएं से बाहर निकाला और उसका इलाज किया. हिरण पूरी तरह स्वस्थ है. रेंजर विनोद कुमार उसका इलाज करवा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार छतरपुर की उदयगढ़ पंचायत के खरवारडीह गांव में एक हिरण पकड़ा गया. ग्रामीणों ने हिरण को पकड़कर छतरपुर पूर्वी के रेंजर को सुपुर्द कर दिया.
इसे भी पढ़ें : रांची के हिन्दपीढ़ी इलाके के लोग क्यों जला रहे अखबारों को !
ये है पूरा मामला
दरअसल, हुआ यह था कि बटाने डैम से पानी पीकर हिरण बाहर निकला और अपने गंतव्य की ओर जा रहा था. लोगों ने इसे देख लिया और हिरण का शिकार करने के लिए उसके पीछे पीछे दौड़े. हिरण बदहवास दौड़ते हुए खरवारडीह पहुंचकर एक कुएं में गिर गया.
मुखिया राजेन्द्र यादव ने बताया कि जैसे ही उन्हें इसकी सूचना मिली, ग्रामीणों को कहकर कुएं में गिरे हिरण को बाहर निकलवाया और छतरपुर रेंजर विनोद कुमार को बुलाकर सुपुर्द कर दिया.
इधर, रेंजर ने बताया कि हिरण जंगली क्षेत्र से भटकर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया था. यह पूछे जाने पर कि कुछ ग्रामीण उसका शिकार करना चाहते हैं, रेंजर ने इससे इनकार किया.
उन्होंने कहा कि इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है. चूकि जंगली जानवर जब आबादी क्षेत्र में पहुंचते हैं तो मानव और आवारा कुतों को देखकर उनकी घबराहट बढ़ जाती है.
इसे भी पढ़ें : #Palamu: बेड़ियों में जकड़ा रहता है जीतन सिंह, गरीबी के कारण नहीं हो पा रहा इलाज, सरकार से मदद की अपील
अक्सर आते हैं हिरण
संभवतः इस हिरण के साथ भी यही हुआ होगा. बटाने डैम में पानी पीने के लिए पूर्व में भी कई हिरणों का आना जाना हुआ है. अक्सर वहां से हिरण भटक कर घनी आबादी इलाके में पहुंच जाते हैं.
उन्होंने कहा कि हिरण के बांये पैर में हल्की चोट आयी है. उसका इलाज किया जा रहा है. वरीय अधिकारियों के दिशा निर्देश के बाद हिरण को जल्द सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जायेगा.
इसे भी पढ़ें : #Bokaro: BGH के डॉक्टरों ने कोरोना से बचने के लिए अपनायी 200 साल पुरानी विधि, आला के बदले अब अपनाया ये औजार




