
Palamu : चीन के वुहान शहर से शुरू हुई नोबेल कोरोना वायरस नामक बीमारी अब महामारी का रूप ले चुकी है. भारत में इसके पहुंचने पर विशेष सर्तकता बरती जा रही है. स्कूल, काॅलेज सहित अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थान को बंद करने का निर्देश जारी किया गया है.
इसी बीच चैत नवरात्र में एक पखवारे तक चलने वाला प्रसिद्ध हैदरनगर देवी धाम मेला को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है.
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उपायुक्त के निर्देश पर बीडीओ ने लगायी रोक
झारखंड सरकार के आदेश के बाद जिला के उपायुक्त शांतनु कुमार अग्रहरि ने चैती नवरात्र के मौके पर प्रसिद्ध देवी धाम में लगने वाले मेले पर रोक लगा दी है. उन्होंने देवी धाम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह प्रखंड विकास पदाधिकारी राहुल देव को इस सिलसिले में निर्देश दिया है.
समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में सदस्यों की बैठक हुई. बैठक में सभी सदस्यों ने कोरोना वायरस से संबंधित एहतियात के मद्देनजर मेला नहीं लगाने का निर्णय लिया है.
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भाई बिगहा के कर्बला पर भी नहीं लगेगा मेला
उन्होंने बताया कि देवी धाम मेला में आने वाले साधु संतों, कथित ओझा-गुणियों को फोन कर आने से मना कर दिया गया है. इसके अलावा मीडिया व अन्य माध्यमों से भी सूचना देने का काम किया जायेगा. बीडीओ सह अध्यक्ष राहुल देव ने बताया कि देवी धाम मेला के अलावा भाई बिगहा के कर्बला पर भी मेला का आयोजन नहीं किया जायेगा.
उन्होंने बताया कि देवी धाम मंदिर में सुबह शाम आरती की जायेगी. आरती के बाद मंदिर के पट बंद रखे जायेंगे. इसके अलावा परिसर में लगने वाली दुकानें भी नहीं लगाई जायेगी. उन्होंने परिसर की साफ सफाई भी रखने का निर्देश समिति को दिया है.
सौ वर्ष के दौरान पहली बार ऐसा निर्णय
मालूम हो कि हैदरनगर देवी धाम में करीब सौ वर्ष से चैती नवरात्र व शारदीय नवरात्र के मौके पर भव्य मेला लगता है. मेला में देश के कोने कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं. देवी धाम के इतिहास में मेला नहीं लगने का यह पहला अवसर है. मेला 25 मार्च से लगना था. मेला को लेकर श्रद्धालुओं का आना शुरु हो गया था.
मायूस होकर लौटे श्रद्धालु
मंगलवार को गढ़वा जिला के मझिआंव से दो कमांडर गाड़ी में श्रद्धालु पहुंचे. उन्हें जब यह जानकारी दी गयी तो वह हतप्रभ रह गये. उन्होंने मंदिर में पूजा की व घर वापस लौट गये. मझिआंव से पहुंचे श्रद्धालु शंकर परहिया ने बताया कि जब सभी दवायें बेअसर हो जाती है, तब आदमी दुआ की ओर बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि ईश्वर की जो इच्छा होगी उसे स्वीकार्य करेंगे. वह पूजा पाठ नहीं छोड़ सकते. उन्होंने कहा कि सावधानी आवश्यक है. इसका वह और उनके साथी पूरी तरह पालन करेंगे. उन्होंने कहा कि वह वापस लौट रहे हैं.
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
बैठक में मंदिर के पुजारी सुरेंद्र नाथ त्यागी, समिति के सचिव रामाश्रय सिंह, पूर्व अध्यक्ष गुरु प्रताप शाहिदेव, कोषध्यक्ष रविंद्र सिंह, मुखिया कमलेश सिंह के अलावा कृष्णा प्रसाद, महेंद्र दुबे, शुभम दुबे, मनान खान समेत सभी सदस्य उपस्थित थे.
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