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स्वामी पर कार्यकर्ताओं ने क्या आरोप लगाए
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सीएम ने दिये जांच के आदेश
स्वामी अग्निवेश की भारतीय जनता पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई किये जाने के मामले को सीएम रघुवर दास ने गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं. ने स्वामी अग्निवेश से मारपीट मामले में सीएम ने गृह सचिव को जांच के आदेश दिए. संथालपरगना के आयुक्त और डीआईजी पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौपेंगे.
सामाजिक व मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं स्वामी अग्निवेश
उल्लेखनीय है कि स्वामी अग्निवेश समाजिक व मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. और अक्सर वह इस तरह के आंदोलन चलाते रहते हैं. वह हरियाणा के मंभी भी रहे हैं. लेकिन मजदूरों ने उस दौरान उनपर लाठीचार्ज कर दिया थी. जिससे वह दुखी हो गए थे और मंत्री पद छोड़ दिया था. साथ ही राजनीति को भी पूरी तरह से छोड़ दिया था. स्वामी अग्निवेश की मई, 2011 में गुजरात के अहमदाबाद में पिटाई की गई थी. यह पिटाई इसलिए की गयी थी क्योंकि उन्होंने अमरनाथ के पवित्र शिवलिंग पर विवादित बयान दिया था. वहीं भोपाल में वर्ष 2012 के नवंबर महीने में इसी मामले को लेकर विहिप के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ धक्कामुक्की की थी.
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कौन है स्वामी अग्निवेश
स्वामी अग्निवेश का छत्तीसगढ़ के सक्ति में हुआ था. 21 सितंबर, 1939 को उनका जन्म हुआ था. कोलकाता से उन्होंने लॉ और बिजनेश मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी. पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने आर्य समाज में संन्यास ग्रहण कर लिया था. जिसके बाद आर्य समाज का काम करते-करते 1968 में आर्य सभा के नाम से एक राजनीतिक पार्टी बनायी. वर्ष 1981 में उन्होंने दिल्ली में बंधुआ मुक्ति मोर्चा की स्थापना की. इसके बाद वह राजनीति में उतरे और हरियाणा के मंत्री बने. हांलाकि बाद में उन्होंने राजनीति पूरी तरह से छोड़ दिया.
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