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मुख्यधारा की पत्रकारिता आजादी के पहले भी आज के जैसी थी, लीक छोड़नेवालों ने ही खींची बड़ी लकीर : हरिवंश

प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर की तरफ से करीम सिटी कॉलेज में आयोजित व्याख्यान में विद्यार्थियों को दिये कई टिप्स और सवालों के जवाब

Jamshedpur :  राज्यसभा के उपसभापति और वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश ने कहा है कि लीक छोड़कर पत्रकारिता करनेवालों ने ही बड़ी लकीर खींची है. महात्मा गांधी, अबुल कलाम आजाद, बाल गंगाधर तिलक, बाबा साहेब आंबेडकर, राजा राममोहन राय जैसे लोग मुख्यधारा के पत्रकार नहीं थे, लेकिन उन्होंने निजी उद्यम, प्रतिबद्धता और अपने विचारों से नयी लकीर खींची. वह शनिवार 12 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य में प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर की ओर से करीम सिटी कॉलेज साकची के ऑडिटोरियम में ‘हिंदी पत्रकारिता की चुनौतियां और अवसर’ विषय पर आयोजिक व्याख्यान में बोल रहे थे. हरिवंश ने कहा कि तकनीक ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपार अवसर दिये हैं. कुछ नया करनेवालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है, लेकिन तथ्य और प्रमाण होने चाहिए. जो लोग आज प्रतिबद्धता की पत्रकारिता करना चाहते हैं, उन्हें बहुत अधिक पूंजी लगाने की जरूरत नहीं है. डिजिटल प्लेटफार्म ने आज खबरों के ऑनलाइन प्रकाशन को काफी आसान बना दिया है.

हरिवंश ने कहा कि मुख्यधारा की पत्रकारिता भी आज भी वैसी ही है, जैसी आजादी के पहले थी. उन्होंने बताया कि पत्रकारिता के मूल उद्देश्यों के साथ हिंदी पत्रकारिता में पहला नाम राजा राममोहन राय का रहा, जिन्होंने अपनी पत्रकारिता से समाज में जागरूकता पैदा की. 1854 में ऐसी ही पत्रकारिता श्याम सुन्दर सेन ने, 1877 में भारतेंदु, आजादी के संघर्ष के दौरान शान्ति नारायण भटनागर ने स्वराज नामक समाचार पत्र के प्रकाशन से की, जिसके ढाई साल में आठ संपादक हुए और उनके सात संपादकों को काले पानी की सजा हुई. उस अखबार में योग्यता यही थी कि जो कालेपानी के लिए तैयार हो, वही संपादक बने. इसके बावजूद लोग वहां संपादक बने.

हरिवंश ने बताया कि दुनिया भर में पत्रकारिता के क्षेत्र में आयी चुनौतियां और उसके प्रभाव में पत्रकारिता पर प्रभाव का दो वर्ष तक अध्ययन करने वाली संयुक्त राज्य अमेरिका की एक कमेटी ऑफ कन्सर्न ने अपने अनुभवों पर आधारित ‘एलीमेन्ट ऑफ जर्नलिज्म’ एक किताब प्रकाशित की. इसका मूल है कि पत्रकारिता सच को उजागर करने के अपने धर्म से भटकी है. हरिवंश ने कहा कि वर्तमान समय में प्रसारित-प्रकाशित होनेवाली खबरें मस्तिष्क को गहराई से प्रभावित कर रही हैं. उन्होंने ‘स्टॉप रीडिंग द न्यूज’. किताब के हवाले से इसका उदाहरण भी दिया. उन्होंने  कहा कि 30 वर्ष पूर्व तक विचार दुनिया को बदलते थे, लेकिन आज  टेक्नोलॉजी ने उसका स्थान ले लिया है.  हरिवंश ने उपस्थित आम लोगों के साथ ही पत्रकारों एवं मॉस कम्युनिकेशन से जुड़े छात्रों के प्रश्न लिये और उनका उत्तर दिया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दिनेश्वर प्रसाद सिंह दिनेश ने पत्रकारों से निष्पक्ष और जिम्मेदार बनने की अपील की. संचालन करीम सिटी कॉलेज की मास कॉम विभागाध्यक्ष डॉ नेहा तिवारी ने किया. कार्यक्रम में प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्रा, जयप्रकाश राय, आनंद कुमार, निराला तिवारी, यूएन पाठक, बी श्रीनिवास सहित झारखंड बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल, भाजपा नेता और पूर्व जिप उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, सिंहभूम चैंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, सरदार शैलेन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए.

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