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अब शहरी जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था रांची नगर निगम के जिम्मे, हो सकता है विरोध!

Ranchi : राज्य के किसी शहर में जलापूर्ति का जिम्मा अब नगर निगम, नगरपालिका (लोकल बॉडीज) संभालेगी. इसके लिए नगर विकास विभाग ने अधिसूचना आदेश जारी कर दी है. बहुत जल्द इसे हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी.

हैंडओवर होते ही लोकल बॉडीज को ही शहरी जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था अपने हाथों में लेनी होगी. हालांकि विभाग के इस निर्णय का रांची नगर निगम द्वारा विरोध किया जाना तय माना जा रहा है. दरअसल नयी व्यवस्था आने के बाद निगम के ऊपर राशि का अतिरिक्त दबाव और मैन पावर की समस्या आयेगी. इससे विवाद बढ़ सकता है.

बता दें कि अभी शहर में जलापूर्ति की व्यवस्था पेयजल विभाग करता है, वहीं जलापूर्ति कनेक्शन व राजस्व वसूली का काम निगम देखता है. लेकिन हैंडओवर के साथ ही जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था का सिंगल विंडो सिस्टम हो जायेगा, यानी सारा काम अब लोकल बॉडीज के जिम्मे आ जायेगा.

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पहले भी होता रहा है विवाद

ऐसा नहीं है कि सरकार के इस निर्णय का पहले विवाद नहीं हुआ है. पहले की कई सरकारों के दौरान यह प्रयास हुआ था कि लोकल बॉडी ही शहरी जलापूर्ति की पूरी व्यवस्था संभाले.

लेकिन रांची नगर निगम ने हमेशा मैनपावर का हवाला देते हुए इस कदम का विरोध किया. करीब तीन साल पहले निगम बोर्ड बैठक में भी सरकार के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज किया गया था.

विभाग के अधिकारियों की मानें, तो पेयजल विभाग शुरू से ही लोकल बॉडी को पूरी व्यवस्था हैंडओवर करने की मांग करता आया है. लेकिन लोकल बॉडीज इसे हैंडओवर करने में आना-कानी करते रहे हैं.

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निगम की राजस्व वसूली 10 करोड़ के करीब, नयी व्यवस्था से पड़ेगा 5 गुणा अतिरिक्त भार

निगम की मानें, तो शहरवासियों को पानी पिलाने के एवज में निगम को हर साल राजस्व के तौर पर 10 करोड़ की वसूली होती है. वहीं पेयजल विभाग अपने भारी-भरकम इंजीनियरों की टीम की बदौलत ही शहर के सभी डैमों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइप लाइन से वाटर सप्लाई और ऑपरेशन-मेंटेनेंस आदि का काम देखता है.

इंजीनियरों के वेतन सहित उपरोक्त कामों में विभाग का खर्च 50 करोड़ से अधिक सलाना खर्च पड़ता है. ऐसे में नयी व्यवस्था आने से निगम पर अतिरिक्त 5 गुणा खर्च पड़ना तय माना जा रहा है.

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