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तीन अमेरिकी अर्थशास्त्री को दिया गया अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

Stockholm:  तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को अनपेक्षित प्रयोगों, या तथाकथित ”प्राकृतिक प्रयोगों” से निष्कर्ष निकालने पर काम करने के लिए सोमवार को अर्थशास्त्र के 2021 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले अर्थशास्त्रियों में बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के डेविड कार्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के जोशुआ डी. एंग्रिस्ट और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के गुइडो इम्बेन्स शामिल हैं.

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क्या कहा एकेडमी ने

 

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस ने कहा कि तीनों ने ”आर्थिक विज्ञान में अनुभवजन्य कार्य को पूरी तरह से बदल दिया है.”

आर्थिक विज्ञान समिति के अध्यक्ष पीटर फ्रेड्रिक्सन ने कहा, ”समाज के लिए अहम सवालों के संबंध में कार्ड के अध्ययन और एंग्रिस्ट और इम्बेन्स के पद्धतिगत योगदान से पता चला है कि प्राकृतिक प्रयोग ज्ञान का एक समृद्ध स्रोत हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”उनके शोध ने महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने की हमारी क्षमता में काफी सुधार किया है, जो समाज के लिए बहुत फायदेमंद है.”

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1968 में शुरू हुआ था अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

अन्य नोबेल पुरस्कारों के विपरीत अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में स्थापित नहीं किया गया था बल्कि स्वीडिश केंद्रीय बैंक द्वारा 1968 में उनकी स्मृति में इसकी शुरुआत की गई थी, जिसमें पहले विजेता को एक साल बाद चुना गया था. यह प्रत्येक वर्ष घोषित नोबेल का अंतिम पुरस्कार है.

पिछले साल का पुरस्कार स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो अर्थशास्त्रियों पॉल आर मिल्ग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को मिला, जिन्होंने नीलामी को अधिक कुशलता से संचालित करने की मुश्किल समस्या का समाधान प्रस्तुत किया.

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पिछले हफ्ते इन्हें मिला था पुरस्कार

पिछले हफ्ते, 2021 का नोबेल शांति पुरस्कार फिलीपीन की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के दिमित्री मुरातोव को उन देशों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनकी लड़ाई के लिए दिया गया था, जहां पत्रकारों को लगातार हमलों, उत्पीड़न और यहां तक ​​कि हत्या का सामना करना पड़ा है. साहित्य का नोबेल तंजानिया के लेखक, ब्रिटेन में रहने वाले अब्दुलरजाक गुरनाह को दिया गया.

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