
Ranchi: टेरर फंडिंग के 02/2018 के मामले में पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के दो सहयोगियों जयप्रकाश भुईंया और अमित जायसवाल को खूंटी के तोरपा स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद एनआइए ने रांची स्थित एनआइए के स्पेशल कोर्ट में सोमवार को दोनों को पेश किया गया. जिसके बाद दोनों को 5 दिनों के रिमांड पर लिया गया.
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एनआइए ने पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के चार सहयोगियों के यहां की थी छापेमारी
टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रही एनआइए ने 29 फरवरी को पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के चार सहयोगियों के यहां छापेमारी की थी. इस दौरान जांच एजेंसी को दिनेश गोप के निवेश, चल-अचल संपत्ति और इलाके में लेवी वसूलने वालों से संबंधित अहम जानकारी मिली थी.
एनआइए की चार टीमें 26 फरवरी की सुबह खूंटी जिले के तोरपा पहुंचीं. सबसे पहले उग्रवादी गतिविधियों में जेल जा चुके और पुलिस के सामने सरेंडर करनेवाले जयप्रकाश भुइयां के घर पर दबिश दी. दो टीमों ने अमित जायसवाल और सीताराम भगत के घर में छापेमारी की तो चौथी टीम ने रंजीत गोप के मां रेस्टोरेंट में सर्च अभियान चलाया.
रंजीत और उसके एक सहयोगी को एनआइए की टीम अपने साथ गुप्त स्थान पर ले गयी जहां उसने दिनेश गोप से जुड़ी अहम जानकारी दी थी. इन सभी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था.
नोटबंदी के दौरान नक्सली दिनेश गोप द्वारा बड़ी बैंक में जमा करवाने और पैसों के निवेश में जिनका नाम सामने आया है, उन्हीं में से चार लोगों के यहां छापेमारी हुई थी.
जिनके यहां छापेमारी, सभी पर पहले से केस
जयप्रकाश भुईंया के खिलाफ आर्म्स एक्ट और 17 सीएलए आदि एक्ट के तहत तोरपा थाना में 5, रनियां थाना में 7 तथा गुमला के कामडारा थाना में एक केस दर्ज है.वहीं रंजीत गोप पर तोरपा थाना में एक, सीताराम जायसवाल पर लापुंग थाना में एक और अमित जायसवाल पर तोरपा थाना में दो मामले दर्ज हैं.
लेवी-रंगदारी के रुपयों को शेल कंपनियों में निवेश करने का हुआ था खुलासा
एनआइए की जांच के दौरान ही यह खुलासा हुआ कि दिनेश गोप अपने पारिवारिक सदस्यों, सहयोगियों के माध्यम से लेवी-रंगदारी के रुपयों को शेल कंपनियों में निवेश करता था. इसी क्रम में एनआइए ने दिनेश गोप के सहयोगियों के पास से 42.79 लाख रुपये नकद व करीब 70 लाख रुपये की अन्य चल-अचल संपत्ति जब्त की थी. जांच में दो दर्जन से अधिक बैंकों में दिनेश गोप के पारिवारिक सदस्यों, दोनों पत्नियों के माध्यम से 2.5 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी भी मिल चुकी है. एनआइए इस मामले में पूर्व में 10 गिरफ्तार व एक फरार आरोपित के विरुद्ध चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है. मामले का अनुसंधान जारी है.
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30 जनवरी को गिरफ्तार हुई थीं गोप की दोनों पत्नियां
दिनेश गोप की दोनों पत्नियां बीते 30 जनवरी को गिरफ्तार हुई थीं. दोनों अब एनआइए की सरकारी गवाह बन चुकी हैं. दिनेश गोप की दोनों पत्नियों में हीरा देवी व शकुंतला कुमारी शामिल हैं.
इन पर लेवी-रंगदारी के रुपयों को शेल कंपनियों में निवेश करने के आरोपों की पुष्टि हो चुकी है. इनके कोलकाता स्थित आवास की तलाशी में शेल कंपनियों में लेवी के रुपयों को निवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे. इसी मामले की छानबीन के क्रम में तोरपा व तपकरा के चारों सहयोगियों के बारे में एनआइए को जानकारी हाथ लगी थी.
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