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कार्य में लापरवाही के कारण निगम के टाउन प्लानर मनोज कुमार हटाये गये, गजानंद राम को शोकॉज नोटिस

  • टाउन प्लानर गजानंद राम को एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश
  • नगर विकास सचिव विनय चौबे ने दिया निर्देश, नक्शा शाखा में पाये गये कई लंबित आवेदन

Ranchi : रांची नगर निगम के टाउन प्लानर मनोज कुमार को अपने कार्यों में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में हटा दिया गया है. उनकी संविदा समाप्त कर दी गयी है. इसके बाद वे नगर निगम या झारखंड सरकार के किसी भी पद पर वर्तमान में संविदा पर काम नहीं कर सकेंगे.

नगर विकास सचिव विनय चौबे ने इस संदर्भ ने आदेश जारी कर दिया है. इसके अलावा एक अन्य टाउन प्लानर गजानंद राम को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है. उन पर कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप है.

इस संदर्भ में उनसे 1 सप्ताह में जवाब मांगा गया है. बता दें कि टाउन प्लानर मनोज कुमार की नियुक्ति संविदा के आधार पर सूडा के द्वारा की गयी थी. वहीं गजानंद राम नगर विकास एवं आवास विभाग में पदस्थापित हैं. साथ ही उन्हें नगर निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था.

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नक्शा के कुल 164 लंबित आवेदन, इन दोनों टाउन प्लानर के पास थे 73 आवेदन

अपने आदेश में विभागीय सचिव ने कहा है कि निगम की टाउन प्लानिंग शाखा में लंबित आवेदन की शिकायत विभाग को मिली थी. उसके बाद एक समीक्षा की गयी, जिसमें पाया गया कि शाखा में कई आवेदन लंबित हैं.

पाया गया कि वर्तमान में कुल 164 भवन निर्माण निमित्त नक्शा के आवेदन अनुमोदन हेतु उनके पास लंबित हैं. इनमें से 73 आवेदन दोनों टाउन प्लानर के पास लंबित पाये गये.

इसमें मनोज कुमार के पास 56 और गजानंद राम के पास 17 आवेदन लंबित मिले हैं. इसके साथ ही भवन निर्माण के 715 नक्शों के आवेदन LTPs के पास लंबित हैं. दोनों टाउन प्लानर को इन LTPs से संपर्क स्थापित कर आवेदन निपटाने की कार्यवाही की जानी चाहिए थी जो नहीं की गयी.

वहीं नक्शा के पुनरीक्षण हेतु कुल 61 आवेदन नगर निगम को प्राप्त हुए हैं जिसमें से 31 आवेदन इन दोनों टाउन प्लानर के द्वारा लंबित पाया गया.

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कामों में घोर लापरवाही बरतने के कारण ही लिया गया निर्णय

विभागीय सचिव ने इनके द्वारा समर्पित फील्ड इंस्पेक्शन रिपोर्ट की भी समीक्षा की. पता चला कि कई सारे भवन अवैध रूप से निर्मित पाये गये हैं. इन अवैध रूप से निर्मित भवन मालिकों को स्कीम फॉर रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड रेजिडेंशियल कंस्ट्रक्शन 2019  के तहत उनके भवनों को रेगुलराइज करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया गया.

इसके कारण ही टाउन प्लानर शाखा को इस योजना में अबतक केवल 110 आवेदन ही मिले हैं. इन सभी कामों में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए ही नगर विकास सचिव ने मनोज कुमार की संविदा समाप्त और गजानंद राम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

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