
Patna : नेपाल ने एक बार फिर तनाव बढ़ाने की कोशिश की है. नेपाल पुलिस ने कुछ सिविलयन जवानों के साथ मैत्री पुल पर पहुंचकर नेपाल सीमा प्रारम्भ का बोर्ड लगा दिया.
बोर्ड लगाता देख बॉर्डर पर तैनात भारत के एसएसबी जवान और सुरक्षा एजेंसियों ने विरोध किया. फिर नेपाल पुलिस के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद बोर्ड को हटाया.
मंगलवार को हुई इस घटना को नेपाल द्वारा चीन के बहकावे में की गयी कार्रवाई माना जा रहा है. ऐसा कर नेपाल सीमा पर तनाव को काम रखना चाह रहा है.
इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर एसएसबी बॉर्डर पर पैट्रोलिंग के साथ जवानों की संख्या बढा दी गयी है.
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नेपाल पहले भी कर चुका है ऐसी हिमाकत
नेपाल ऐसी हिमाकत पहले भी कर चुका है. इससे पहले नेपाल ने पनटोका गांव के पास भारतीय जमीन पर वॉच टॉवर और अस्थायी पोस्ट बना दिया था.
मीडिया में खबर आने के बाद नेपाल ने वॉच टॉवर हटाकर अस्थायी पोस्ट को 50 फीट पीछे लिया. मैत्री पुल से पनटोका की दूरी 2 किमी की है.
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चीन के बहकावे से नेपाल का ही नुकसान
नेपाल और भारत के बीच सबसे ज्यादा व्यापार रक्सौल बॉर्डर से होता है. इस बॉर्डर को ट्रेड बॉर्डर भी कहा जाता है. चीन षड्यंत्र के तहत नेपाल से इस बॉर्डर पर विवाद कराना चाहता है ताकि ट्रेड बॉर्डर बाधित हो.
हालांकि, इससे नेपाल को भी बहुत परेशानी होगी क्योंकि 70 प्रतिशत सामानों की सप्लाई रक्सौल बॉर्डर से नेपाल के लिए होता है.
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