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झारखंड के बड़े पत्थर कारोबारी में शुमार अली अकबर अवैध विस्फोटक रखने के मामले में पाकुड़ से गिरफ्तार

Ranchi :  राज्य के बड़े पत्थर कारोबारी में शुमार पाकुड़ के रहने वाले अली एंड ब्रदर्स कंपनी के मालिक अली अकबर को सीआईडी ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से रविवार को गिरफ्तार किया. जानकारी के अनुसारअली अकबर सहित कुल पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मालपहाड़ी ओपी में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. बता दे पिछले महीने अली अकबर समेत पांच की गिरफ्तारी का आदेश जारी हुआ था.अली अकबर झारखंड के पाकुड़ के मालपहाड़ी इलाके में अली एंड ब्रदर्स क्रशर का  संचालक है. वह अवैध तरीके से विस्फोटक रखने के मामले में दोषी पाया गया है

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सीआईडी के निर्देश पर पाकुड़ पुलिस ने किया गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार 10 अक्टूबर 2017 को दर्ज इस मामले के अनुसंधान का जिम्मा 18 अप्रैल 2018 को अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड, रांची को सौंपा गया था.  विभाग ने 12 जुलाई 2019 को समीक्षात्मक आदेश जारी कर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था.उसी सिलसिले में सीआइडी झारखंड,रांची के निरीक्षक बंदीराम टोप्पो के अनुरोध पर पाकुड़ पुलिस ने अली अकबर को गिरफ्तार किया. बता दें कि 10 अक्तूबर 2017 को अली एंड ब्रदर्स कंपनी की साइट पर पाकुड़ के तात्कालीन डीसी दिलीप झा और एसपी शैलेंद्र कुमार वर्णवाल ने छापेमारी की थी.

छापेमारी के दौरान जमीन के नीचे से भारी संख्या में छिपा कर रखे गये विस्फोटक, जिलेटिन समेत अन्य अवैध विस्फोटक पाये गये थे. मामले को वर्ष 2018 में सीआईडी ने टेकओवर किया था. सीआईडी और एडीजी ने इस केस की समीक्षा के बाद अली अकबर, अजहर इस्लाम, अजफारुल शेख, क्रशर के मैनेजर बॉबी शेख उर्फ हबीबुल शेख और मुंशी फारुख शेख की गिरफ्तारी का आदेश दिया था.

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सीआईडी जांच से बचने के लिए रची थी झूठी कहानी

एफआईआर दर्ज होने के बाद अभियुक्त अली अकबर ने बचाव में डीजीपी को आवेदन दिया था, जिसमें बताया गया था कि वह घटना के वक्त अपने व्यवसाय से संबंधित कार्य से पश्चिम बंगाल के बालुघाट स्थित रघुनाथपुर गया हुआ था. वहां होटल सेरेना में रूम नंबर 104 में वह ठहरा था. आवेदन में एफआईआर की तारीख 12 अक्तूबर 2017 बतायी गई है. अली अकबर के आवेदन की जांच में यह पाया गया कि उसके यहां 10 अक्टूबर को छापेमारी हुई थी.

उसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए 11 अक्टूबर को वह पश्चिम बंगाल के लिए निकल गया. जांच रिपोर्ट में जिक्र है कि अली अकबर ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर बचने की कोशिश की.ऐसे में उनकी गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया.

एएसआई के बयान पर दर्ज हुई थी एफआईआर

10 अक्तूबर 2017 को विस्फोटकों की बरामदगी के बाद मालपहाड़ी थाना के एएसआई रामकुमार मेहता के बयान पर अली अकबर, अजहर इस्लाम, अजफारूल शेख को नामजद आरोपी बनाया गया था. सीआईडी अनुसंधान शुरू होने के बाद कई लोगों का बयान पुलिस ने लिया. उसके बाद अली अकबर को मुख्य आरोपी मानकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था.

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