
Koderma: सूचना अधिकार मंच सचिव आर के बसंत ने सनातन धर्म के खिलाफ जनप्रतिनिधियों द्वारा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने से आहत होकर अधिवक्ता रिशिकांत एवं प्रवीण सिंहा के माध्यम से न्यायालय में परिवाद सं 1890/23 दायर किया है. हिंदू होने के बाद भी सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मच्छर, मलेरिया एवं कोरोना से करने वाले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पुत्र उदयनिधि स्टालिन जो विधायक सह कल्याण एवं खेल मंत्री हैं, ने तमिलनाडु प्रोगेसिव रायटर्स फोरम के सम्मेलन में उत्तेजक एवं भड़काऊ बयान देते हुए इसके उन्मूलन की बात कही. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पुत्र प्रियांक खड़गे जो विधायक एवं कर्नाटक सरकार में मंत्री है, ने इसका समर्थन करते हुए इसे बीमारी बताया.
वहीं इन दोनों के बयान का समर्थन कर नीलगिरी, तमिलनाडु के सांसद ए राजा का कहना है कि उदय निधि ने सनातन के खिलाफ विनम्रता दिखाई जबकि यह एड्स से भी खतरनाक है. हैरत है कि भारत के संविधान को मानने वाले एवं जनता द्वारा चुने प्रतिनिधि सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी सोच रखते हैं और आई एन डी आई ए गठबंधन के नेता इस पर चुप्पी साधे हैं. सनातन के खिलाफ ऐसी ओछी टिप्पणी से सभी हिंदुओं की भावना पूरी तरह आहत है और राष्ट्रपति से इनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की गयी है. श्री बसंत ने सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी गंदी टिप्पणी से आहत होकर दो गवाहों भाजपा नगर अध्यक्ष कोडरमा नरेंद्र पाल एवं सचिंद्र शर्मा के साथ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में परिवाद पत्र दाखिल करते हुए सनातन धर्म के खिलाफ आग उगलने वालों को दंडित करने की मांग की है.




