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मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं को चेताया- सिर्फ हवा-हवाई नारों और वायदों से चुनाव की नैया पार नहीं होगी

17 नवंबर को रांची में थे मोहन भागवत, दिन भर कार्यकर्ताओं के साथ मिशन 2019 को लेकर की माथापच्ची

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Ranchi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे जमीनी हकीकत का सामना करने को तैयार रहें. लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोहन भागवत की यह टिप्पणी काफी अहम मानी जा रही है. अपने रांची दौरे के दौरान श्री भागवत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सिर्फ हवा-हवाई नारों और वायदों से आगामी चुनाव की नैया पार नहीं होगी. इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. श्री भागवत 17 नवंबर को रांची में थे. रांची से होते हुए वे भागलपुर गये थे. रांची दौरे में संघ के सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिशन 2019 के लिए अभी से तैयार रहने को कहा.

सीबीआइ प्रकरण और राफेल डील से धूमिल हुई है केंद्र सरकार की छवि

श्री भागवत ने कहा है कि केंद्र सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने और उसके लाभों को आम मतदाताओं तक पहुंचाने की आवश्यकता है. सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की सरकार है. पर यहां पर अन्य दल भाजपा को विधानसभा चुनाव में कड़ी चुनौती दे रहे हैं. उन्होंने कहा है कि सीबीआइ प्रकरण, राफेल विमान समझौता से केंद्र सरकार की छवि धूमिल हुई है. इसका लाभ कांग्रेस और अन्य दल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शुरू से संघ का गढ़ माना जाता रहा है. पर वहां भी शिवराज सिंह चौहान की सरकार को कांग्रेस तथा अन्य दल चुनाव में कड़ी टक्कर दे रहे हैं. चुनाव पूर्व सर्वेक्षण भी इन्हीं बातों को स्पष्ट कर रहे हैं.

राम मंदिर निर्माण पर भी रुख स्पष्ट करे केंद्र

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सूत्रों के अनुसार श्री भागवत ने राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर भी केंद्र सरकार स्पष्ट रुख अपनाये. उन्होंने कहा कि बार-बार एक ही स्वर से अपना गुणगान करना अथवा वैसी उपलब्धियों का बखान करना, जो एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुआ ही नहीं, इससे भाजपा की छवि खराब हो रही है. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जीत तभी हो सकती है जब संघ और पार्टी के बीच की दूरी को पाट दिया जाये. कुछ मुद्दों पर संघ और पार्टी में एका नहीं है. इसका रास्ता निकालने की आवश्यकता है. आरएसएस प्रमुख ने स्थानीय मुद्दों पर भी सक्रियता दिखाने का आग्रह किया है.

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