
Jamshedpur : प्रसव के बाद सदर अस्पताल से रेफर हुए जच्चा-बच्चा का एमजीएम अस्पताल में इलाज में विलंब होने से नाराज विधायक मंगल कालिंदी के प्रतिनिधि एवं जेएमएम नगर सचिव नंदू सरदार के द्वारा गायनिक वार्ड का वीडियो बनाने से डॉक्टर एवं सुरक्षाकर्मियों के विरोध के बाद हंगामा हो गया. गायनिक वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने वीडियो बनाने की जानकारी मिलने पर इसका विरोध किया जिस पर मरीज के साथ आए परिजन और नंदू सरदार के साथ आए अन्य कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में उपस्थित होमगार्ड के जवानों ने सभी को वार्ड से बाहर निकाला और इसकी शिकायत अस्पताल अधीक्षक और उपाधीक्षक से की.
डॉक्टरों ने लगाया जान से मारने की धमकी देने का आरोप :
डॉक्टरों का आरोप है कि विरोध के दौरान उन लोगों ने जान से मारने की भी धमकी दी गई है, जिस पर लिखित शिकायत अधीक्षक से करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है. वही मरीज के साथ आए भाई संजीव टूडू ने बताया कि वे लोग छोटा गोविंदपुर के सुंदरहातु के रहने वाले हैं उसकी बहन राइमा मार्डी को प्रसव पीड़ा के बाद बीती रात सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. जहां देर रात 12:30 बजे प्रसव के बाद डॉक्टरों ने दोनों की हालत गंभीर होने की बात बताते हुए जच्चा-बच्चा को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया. जहां से परिजनों ने रात 1:00 बजे एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे.
बच्चे को सीसीयू में भर्ती कर दिया गया लेकिन मां रायमा मार्डी को ना बेड दिया गया और ना ही उसका इलाज ही किया गया दोपहर 2:00 बजे तक वहां दर्द से कराहती रही. जिसके बाद उन लोगों ने मंगल कालिंदी के प्रतिनिधि नंदू सरदार को सूचना दी. नंदू सरदार के आने के बाद उसने मरीज की हालत को देखते हुए वीडियो बना ली और उसे अस्पताल अधीक्षक को दिखाया. जिसके बाद की इलाज शुरू किया गया.
डॉक्टरों की लापरवाही उजागर करने के लिए बनाई वीडियो : नंदू सरदार
इधर नंदू सरदार ने बताया कि डॉक्टरों की लापरवाही को उजागर करने के लिए मजबूरन उन्हें वीडियो बनाना पड़ा अन्यथा मरीज की हालत गंभीर होती जा रही थी. वीडियो बनाने के बाद ही इलाज शुरू किया गया डॉक्टरों की लापरवाही के लेकर नंदू सरदार ने नाराजगी व्यक्त की है.




