
Giridih: जिले में नक्सलियों का तांडव जारी है.मुफ्फसिल थाना इलाके के सिंदवारिया और लुरंगी गांव को जोड़ने वाले बरकार नदी पर बने पुल के बड़े हिस्से को नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने विस्फोट कर उड़ा दिया. इस दौरान माओवादियों ने पुल पर नक्सली पर्चा भी छोड़ा है. इससे एक दिन पहले माओवादियों ने दो मोबाइल टवर उड़ा दिया था.
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बताया जाता है कि शनिवार देर रात नक्सलियों का दस्ता मुफस्सिल थाना इलाके के बरागढहा गांव में पहुंचा और विस्फोट कर बराकर नदी पर बने पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया. धमाके की तेज आवाज सुनकर कुछ ग्रामीण घर से बाहर निकले. लेकिन माओवादियों को देख सभी घर में दुबक गए. माओवादियों के जाने के बाद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मुफ्फसिल थाना पुलिस को दी. थाना प्रभारी विनय राम ने घटना की जानकारी एसपी अमित रेणू को दी. पुलिस की टीम ने इलाके में सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है.
दहशत में ग्रामीण
जबकि दूसरे दिन रविवार की सुबह ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुटी. ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार विस्फोट में पुल का एक पिलर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. बरकार नदी पर बना ये पुल सिंदवारीय और लुरांगी गांव को जोड़ता था. पुल का उद्घाटन साल 2018 में पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने किया था. इधर पुल के उड़ाने के बाद दोनो गांवो का संपर्क पूरी तरह से ठप हो गया. इस घटना के बाद लोग दहशत में हैं.
एक दिन पहले उड़ाया दो मोबाइल टावर
बता दें कि प्रशांत और उसकी पत्नी शीला की गिरफ्तारी के विरोध में 21 जनवरी से 26 जनवरी तक नक्सली प्रतिरोध दिवस मना रहे हैं. वहीं 27 जनवरी को बंद की घोषणा नक्सलियों ने कर रखी है. प्रितिरोध दिवस के पहले दिन जहां नक्सलियों ने मधुबन व खुखरा में मोबाइल टावर उड़ा दिया था वहीं दूसरे दिन बरागढहा गांव में विस्फोट कर पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया.
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