Khas-KhabarRanchi

बढ़ेगा कुपोषण: सरकार ने सेविकाओं के साथ की वादा खिलाफी इसलिए 56 लाख बच्चों को नहीं मिलेगा #Albendazole

Kumar Gaurav

Ranchi: सरकार की वादा खिलाफी के कारण राज्य के 56 लाख 10 हजार बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. दरअसल, सरकार ने राज्य के लगभग 35,881 आंगनबाड़ी सेविका सहायिका की मांगों को मानने के लिखित आश्वासन देने के बाद मुकर गयी है. जिसके बाद से लगातार सेविका सहायिका हड़ताल पर हैं.

सेविका सहायिका की हड़ताल में चले जाने के कारण राज्य के जरुरतमंद 56 लाख बच्चों को कृमि की दवा नहीं दी जा सकेगी. कृमि मुक्ति के लिए राज्य सरकार 4 सितंबर को कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन कर रही है. जिसके तहत बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा दी जानी है.

advt

इसे भी पढ़ेंः#MediaWatch: 88 हजार आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका व पोषण सखी के आंदोलन की खबर अखबारों से गायब

सेविका सहायिक हड़ताल में हैं और अभी तक उन्होंने स्टॉक से दवा एल्बेंडाजोल का उठाव नहीं किया है. संघ की अध्यक्ष बीणा सिन्हा ने बताया है कि वो मांगें नहीं माने जाने तक कोई काम नहीं करेंगी.

56 लाख बच्चों को आंगनबाड़ी सेविकाएं देंगी एल्बेंडाजोल

कृमि मुक्ति के तहत दिया जाने वाला एल्बेंडाजोल राज्य में 1 करोड़ 35 लाख बच्चों को दिया जाना है. सरकारी, प्राईवेट स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को माध्यम से भी इसे दिया जाना है.

आंगनबाड़ी सेविकाओं के जिम्मे आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले 15 लाख 15 हजार बच्चें हैं, इसके अलावा स्कूल और आंगनबाड़ी नहीं जाने वाले 40 लाख 95 हजार बच्चे भी हैं.

adv

कुल मिलाकर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के जिम्मे 56 लाख 10 हजार बच्चे हैं जो प्रभावित होगें. कृमि की दवा नहीं मिलने के कारण बच्चे कुपोषण से प्रभावित हो सकते हैं. एल्बेंडाजोल बच्चों को कृमि से मुक्ति के लिए दिया जाता है.

कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड में सभी बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधित स्थिति और संज्ञानात्मक विकास तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें कृमि मुक्त कराना है.

इसे भी पढ़ेंः#Dhullu तेरे कारण: रंगदार ले जाते हैं मजदूरी के पैसे, तंगी के कारण दम तोड़ रहे मजदूर

आमतौर पर यह देखा गया है कि कृमि संक्रमण का बच्चों के स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है. भारत में कृमि संक्रमण एक जन स्वास्थ्य की समस्या के रूप में उभर रहा है.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में 15 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को कृमि संक्रमण का खतरा है. साथ ही विश्व में भारत उन देशों में से एक है जहां कृमि संक्रमण और इससे संबंधित रोग सबसे अधिक पाए जाते हैं.

कृमि संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एल्बेंडाजोल 400 मिलीग्राम दवाई का सेवन एक सुरक्षित लाभदायक एवं प्रभावी उपाय है. जो साक्ष्य आधारित और वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है.

क्या कहते हैं अधिकारी

कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी सह शिशु स्वास्थ्य कोषांग के डॉ. अमर कुमार मिश्रा ने बताया सेविका सहायिका के हड़ताल में चले जाने के कारण हम वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सके हैं. हड़ताल खत्म होने के बाद अलग से एक तारीख तय कर हम दवा बच्चों को देंगे.

इसे भी पढ़ेंः#Recession- जुलाई में सुस्त पड़ी बुनियादी उद्योगों की रफ्तार, वृद्धि दर घट कर 2.1 %

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button