
Ranchi: 17 अगस्त की देर रात आरपीएफ जवान पवन कुमार ने एक रेलकर्मी के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी. घटना रामगढ़ जिले के बरकाकाना ओपी अंतर्गत रेलवे कॉलोनी की है. जिस वक्त आरपीएफ जवान ने तीनों की हत्या की उस वक्त वह नशे में धुत था. उसने कुल पांच लोगों को गोली मारी थी जिसमें तीन की मौत हो गयी जबकि दो लोग घायल हो गये थे.
रेलकर्मी अशोक राम सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी आरपीएफ जवान पवन कुमार अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी जवान फरार हो गया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए रेलवे पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
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आरोपी जवान नौकरी से बर्खास्त
आरोपी आरपीएफ जवान पवन कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. उसके बैंक अकाउंट को भी सीज कर लिया गया है. साथ ही उसके घर की कुर्की के लिए कोर्ट में आवेदन दिया जा रहा है.
पवन की गिरफ्तारी के लिए जिला प्रशासन, रेलवे और जीआरपी लगातार छापेमारी कर रही है. लेकिन इस मामले में पुलिस के हाथ अबतक खाली हैं.
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विरोध में लोगों ने किया था रेलवे ट्रैक और रोड जाम
बरकाकाना रेलवे कॉलोनी में 17 अगस्त को हुई इस हत्याकांड के विरोध में रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने रामगढ़-भुरकुंडा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था. सुबह से स्टेशन रोड सहित चौक के आसपास के सभी दुकानें भी बंद थी. हत्यारे की
गिरफ्तारी व आश्रितों को नौकरी की मांग को लेकर बरकाकाना रेलवे स्टेशन में ट्रैक जाम कर दिया था. साथ ही भुरकुंडा-रामगढ़ मार्ग को भी सुबह से जाम कर दिया गया था, जिससे बरकाकाना रेल रूट से सभी ट्रेनों का आवागमन कई घंटों तक बाधित था.
गौरतलब है कि आरपीएफ जवान पवन कुमार के द्वारा सरकारी पिस्टल से गोलीबारी में रेलकर्मी अशोक राम, पत्नी लीला देवी और बड़ी पुत्री मीना देवी की मौत हो गई थी. जबकि दो घायलों का इलाज चल रहा है.
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जांच करने पहुंचे थे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य
मामले की जांच करने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. योगेंद्र पासवान सोमवार को रामगढ़ पहुंचे थे. रामगढ़ पहुंचने से पहले उन्होंने रांची के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती रेलकर्मी अशोक राम की पुत्री का भी हाल जाना. बरकाकाना में पीड़ित परिवार के लोगों से मिलने के बाद उन्होंने सर्किट हाउस में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की जानकारी ली थी.




