
Ranchi: मोबाइल हैंडसेट कारोबार बर्बाद होने के कागार पर है. मंदी का असर इस इंडस्ट्री और इससे जुड़े लोगों पर भी पड़ने लगा है. मोबाइल कारोबार से जुड़े कारोबारी ने न्यूज विंग को बताया कि इस सेक्टर में मंदी के कारण मोबाइल कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं. झारखंड में विभिन्न कंपनियों के करीब 2 हजार से अधिक कर्मचारी थे. जिनमें से करीब 600 की छंटनी की जा चुकी है.
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कारोबारी ने बताया कि झारखंड में जुलाई माह में 183 करोड़ रुपये की मोबाइल की बिक्री हुई थी. इसके मुकाबले अगस्त माह में 115-120 करोड़ रुपये मूल्य के ही मोबाइल बिकने की उम्मीद है. मोबाइल बिक्री का यह आंकड़ा ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों का है.
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एक लाख स्मार्टफोन बिकते थे
आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में प्रति माह तकरीबन 3 लाख फीचर फोन (बटन वाला) बिकते थे. यह आंकड़ा घट कर 2.25 लाख पर पहुंच गया है. इसी तरह प्रति माह करीब 1 लाख स्मार्ट फोन बिकते थे. स्मार्ट फोन की बिक्री में करीब 20,000 की कमी दर्ज की जा रही है. यही हाल रहा तो, यह सेक्टर खत्म हो जायेगा और इससे जुड़े कारोबारी सड़क पर आ जायेंगे.
आंकड़ों में जानें बिक्री पर मंदी का असर
| माह | कितने के मोबाइल बिके |
| जनवरी | करीब 171 करोड़ |
| फरवरी | करीब 151 करोड़ |
| मार्च | करीब 163 करोड़ |
| अप्रैल | करीब 157 करोड़ |
| मई | करीब 164 करोड़ |
| जून | करीब 171 करोड़ |
| जुलाई | करीब 183 करोड़ |
| अगस्त | करीब 120 करोड़ (अनुमानित) |
आंकड़े का स्रोत- मोबाइल कंपनियों के मैनेजरों से हुई बातचीत के आधार पर.
मोबाइल कारोबार से जुड़े कारोबारियों के अनुसार झारखंड में एमआइ, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रीयल-वन, नोकिया समेत अन्य कंपनियों के मोबाइल बिकते हैं. एमआइ कंपनी की मोबाइल की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत, सैमसंग मोबाइल की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत, वीवो कंपनी की मोबाइल की बिक्री में करीब 25 प्रतिशत, ओप्पो कंपनी की मोबाइल की बिक्री में करीब 35 प्रतिशत और नोकिया के स्मार्ट व फीचरफोन की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत की कमी आयी है.
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