
Latehar: जिले में 40 सरकारी प्राथमिक विद्यालय हैं, इनमें से 17 स्कूलों में मात्र एक ही शिक्षक है. दो मिडिल स्कूल में भी यही स्थिति है. यहां भी एक ही शिक्षक हैं. जबकि, आरटीई अधिनियम के तहत, प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक होने चाहिए, 30 बच्चों के लिए कम से कम एक शिक्षक होना चाहिए. एकल शिक्षक स्कूल अवैध हैं. इसको लेकर गारू प्रखंड में बच्चों संग अभिभावकों ने रैली निकाली. उनकी डिमांड यह थी कि जितने भी एकल शिक्षक विद्यालय हैं वहां शिक्षकों की नियुक्ति की जाये. बच्चों व अभिभावकों-बच्चों ने अरमू चौक से प्रखंड मुख्यालय तक रैली निकाली. ढोल, नारों और गीतों की आवाज़ से हवा गुंजायमान हो गई- “क्या चाहता लातेहार? शिक्षा का अधिकार!” बलबुतरू की पुकार, शिक्षक दे सरकार!”.

क्या कहा छात्राओं ने
रुड गांव की मिडिल स्कूल की छात्रा पूनम कुमारी ने वर्तमान में कई विषयों को पढ़ाने के लिए कम से कम छह और शिक्षकों की मांग की, उनके स्कूल में 145 छात्र थे, और केवल 1 शिक्षक है. वहीं, गोटाग गांव के माता-पिता संदीप उरांव और नीलम कुमारी ने अपने बच्चों के एकल शिक्षक के अक्सर दूसरे काम में व्यस्त होने का मुद्दा उठाया और यह कैसे कई दिनों तक बिना किसी शिक्षण के चला गया. लाटू, डेरगांव और जयगीर के अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के स्कूलों की स्थिति पर चर्चा की, और तत्काल जांच की मांग की और आरटीई के अनुसार स्कूल के शिक्षकों में वृद्धि की मांग की.
मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र
प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम एक खुला पत्र भी जारी किया. इस पत्र पर ग्राम प्रधानों, स्कूल कमेटी के सदस्यों और 16 गांवों के अन्य प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं. वे गारू प्रखंड के सभी 19 एकल शिक्षक विद्यालयों में कम से कम एक अतिरिक्त शिक्षक की तत्काल पदस्थापना की मांग की हैं. पत्र में झारखंड के सभी एकल शिक्षक विद्यालयों में शिक्षा के अधिकार के मानदंडों के अनुसार अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है. रैली में काफी संख्या में बच्चों व उनके अभिभावक शामिल थे.
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