
Kolkata: उत्तर 24 परगना की जिलाधिकारी चैताली चक्रवर्ती द्वारा राज्यपाल जगदीप धनखड़ को लिखे पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
पत्र में जिलाधिकारी ने लिखा है कि राज्यपाल अगर जिले में किसी तरह की बैठक करना चाहते हैं, तो उन्हें राज्य सरकार से अनुमति लेकर आनी होगी.
मंगलवार को राज्यपाल उत्तर 24 परगना के धामाखली स्थित जिला परिषद गेस्ट हाउस में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और प्रशासन तथा अन्य महकमों के अधिकारियों से मुलाकात करना चाहते थे.
वह क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करना चाहते थे लेकिन इसकी अनुमति देने से इनकार करते हुए जिलाधिकारी ने एक चिट्ठी राज्यपाल को लिखी है.
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इसमें उन्होंने कहा है कि जिला परिषद गेस्ट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के लिए आपको राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी.
जिलाधिकारी ने चिट्ठी में स्पष्ट किया है कि जब तक राज्य सरकार से अनुमति लेकर नहीं आइयेगा तब तक किसी तरह की बैठक की अनुमति नहीं मिलेगी.
जिलाधिकारी ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा है कि 23 अक्टूबर को उत्तर बंगाल में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान सारे अधिकारी वहीं व्यस्त रहेंगे, इसलिए राज्यपाल के साथ बैठक में किसी अधिकारी का भी शामिल होना संभव नहीं.
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यह असंवैधानिक और अस्वीकार्यः राज्यपाल
इस बारे में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में बैठक के लिए मैंने गत 17 अक्टूबर को जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखी थी और उन्होंने 22 अक्टूबर को इसका जवाब दिया है.
जिलाधिकारी की तरफ से चिट्ठी तब लिखी गयी है जब सारे अधिकारी उत्तर बंगाल में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में जा चुके हैं. यह असंवैधानिक और अस्वीकार्य है.
मैं राज्य सरकार का कनिष्ठ नहीं हूं. जिलाधिकारी को ऐसी चिट्ठी लिखने से पहले सोचना चाहिए था. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय के दौरान विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल के साथ राज्य सरकार का टकराव बढ़ता जा रहा है.
विभिन्न मामलों में राज्यपाल की सक्रियता को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल के नेता और राज्य के मंत्री राज्यपाल की भूमिका पर सवाल खड़े करते रहे हैं.
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