
Ranchi/Jamshedpur: सोमवार को पूर्व सीएम औपर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने शास्त्रीनगर (जमशेदपुर) उपद्रव के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में भेजे गये भाजपाई नेताओं से केंद्रीय कारा, घाघीडीह में मुलाकात की. जानना चाहा कि आखिर उन्हें किस परिस्थिति में यहां लाया गया है. इसके बाद मीडिया को जानकारी देते उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय कुमार सिंह से टेलीफोन पर बातचीत की है. उनसे कहा कि शास्त्रीनगर उपद्रव के मामले में कई निर्दोष व्यक्तियों को नामदर्ज आरोपी बनाया गया है. ऐसे में एसएसपी से इस मामले की जांच कराकर निर्दोष लोगों का नाम हटाया जाये. उनके आग्रह को मानते हुए डीजीपी ने कोल्हान के डीआईजी से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है.
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डीजीपी से मिले सकारात्मक आश्वासन पर उम्मीद जताते हुए रघुवर दास ने कहा कि डीआईजी अपने पर्यवेक्षण प्रतिवेदन में निर्दोषों को आरोप मुक्त करेंगे. मौके पर उनके साथ केंद्रीय कारा पहुंचने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक मेनका सरदार, महानगर भाजपा अध्यक्ष गुंजन यादव, महामंत्री राकेश सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रामबाबू तिवारी सहित अन्य भी शामिल थे.
सत्ता के नशे में हेमंत सरकार
रघुवर दास के मुताबिक जेल में पार्टी नेताओं से मिलने के क्रम में कई लोगों ने बताया कि उन्हें ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर पकड़ा गया. विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि उपद्रव के खिलाफ अधिकारी को ज्ञापन देने गये थे तो उन्हें ही पकड़ कर बंद कर दिया गया. कई लोग तो ऐसे मिले जिन्होंने कहा कि उन्हें किस जुर्म में पकड़ा गया है, उन्हें पता ही नहीं है.श्री दास ने शास्त्रीनगर उपद्रव को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर जिला प्रशासन चाहता तो यह घटना चिंगारी से आग नहीं बनती.
सीएम हेमंत सोरेन साम्प्रदायिकता के जिस रथ पर सवार होकर तुष्टीकरण की मंजिल तक पहुंचना चाहते हैं, उसमें ऐसी घटनाएं होंगी ही. सत्ता के नशे में इन्हें पता ही नहीं कि ये क्या कर रहे हैं. शास्त्रीनगर उपद्रव सुनियोजित साजिश का परिणाम है. इसके लिए पहले एक धार्मिक झंडे में प्रतिबंधित मांस बांधे गये. इस हरकत से ध्वजपुजकों ने आनन-फानन में बैठक बुलायी. उधर कांग्रेस और झामुमो के लोगों की इफ्तार पार्टी गणेश पूजा मैदान कदमा में चल रही थी. इस पार्टी के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गयी थी. इस पार्टी में शामिल लोगों को जब ध्वजपुजकों के बैठक की जानकारी मिली तो वे वहां दल बल के साथ पहुंच गये. बैठक कर रहे लोगों पर पत्थर बरसाये. वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. तैनात पुलिस वालों पर भी पथराव किया गया. इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन नींद में विभोर नजर आया. मामला सामने आने के बाद किसी को भी जहां तहां से गिरफ्तार कर लिया गया. दस सदस्यीय विश्व हिन्दू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल इस घटना के खिलाफ ज्ञापन देने गया तो उन्हें ही धर दबोचा गया. रघुवर ने कहा कि वे जेल में बंद लोगों को न्याय दिलाने को हर न्यायसंगत रास्ता निकालेंगे.




