
Ranchi: मुस्लिम समाज के सज़ग प्रतिष्ठित संगठनों, धर्मगुरुओं,सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्दिजीवियों के साथ अंजुमन इस्लामिया रांची के अध्यक्ष हाज़ी मोख्तार अहमद एवं जमात-ए-उल्लेमा-ए-हिंद झारखंड के महासचिव सह रांची ईदगाह के ईदेन मौलाना असग़र मिस्बाही के नेतृत्व में कांग्रेस झारखंड के अध्यक्ष राजेश ठाकुर से बीते शाम कांग्रेस भवन,रांची में मिला.

प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस झारखंड के अध्यक्ष राजेश ठाकुर से कहा कि मुस्लिम एवं अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर कांग्रेस आपने चुनावी घोषणा पत्र को कब लागू करेगी, हेमंत सरकार को अब चार साल होने को है,पर हज़ कमेटी के अलावा एक भी अल्पसंख्यकों के संवैधानिक संस्थाओं का गठन नही होना,चाहे वह अल्पसंख्यक आयोग,वक़्फ़ बोर्ड,वित्त निगम,उर्दू एकेडमी, मदरसा बोर्ड,केंद्र प्रायोजित अल्पसंख्यकों की स्कीमों,कमेटी का क्रियान्वयन इन सभी में झारखंड सरकार संवेदनशील नही दिखती है.ऊपर से रह-रह कर अल्पसंख्यकों की फ़ज़ीहत ही करते रहती है जिसमें रांची में हुई 10 जून की दुर्भाग्यपूर्ण घटना यह घटना नागरिक बनाम पुलिस थी और पुलिस ने इसे किसी और तरफ मोड़ पर रख दिया, यह घटना पुलिस,आईबी की नाकामियों का नतीजा था जिसका खामियाजा मुस्लिम समाज पर लाद दिया गया है,कांग्रेस को इस पर गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेना चाहिए,कभी झारखंड विधानसभा में नामज़गाह पर,कभी उर्दू भाषा पर,कभी उर्दू स्कूल के नाम एवं अवकाश पर,अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भी असुरक्षित कर रखा है.
झारखंड भर में अलग-अलग जगहों पर मोब लिंचिंग हुई,अखबारों से जानकारी मिल रही है कि झारखंड सरकार पुनः मोब लिंचिंग विरोधी बिल ला रही है जिसका हमलोग स्वागत करते है पर जिसको भूतकाल में देखकर मोब लिंचिंग विरोधी बिल लाया जा रहा है उसको ही इंसाफ़ और मुआवजा नही होगा तो यह कैसा इंसाफ़ होगा,मोब लिंचिंग के हुए पीड़ितों को उचित सम्मानजनक मुआवजा होना चाहिए और इंसाफ़ ठोस निर्धारित समय में ही दिया जाए,कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की आपको समीक्षा करनी चाहिए,चूंकि इनके द्वारा अधिकत्तर आश्वासन देकर भेज दिया जाता है और नतीजा नकारात्मक आता है जिसका उदाहरण है स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी है,अंजुमन इस्लामिया हॉस्पिटल में झारखंड के गठन के बाद से एक भी सहयोग झारखंड सरकार के द्वारा अभी तक नही मिला है, अल्पसंख्यक स्लम बस्तियों में पीएचसी, सीएचसी,एम्बुलेंस,ब्लड बैंक नही दिया गया है,रक्तदान संगठनों ने भी कई बार मामलों को अवगत किया मगर नतीजा केवल प्रवचन-आश्वासन ही मिला है.
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने पूरे मामलों को गंभीरता पूर्वक संज्ञान लिया और वादा किया कि अविलंब अल्पसंख्यक समाज के मामलों का निष्पादन होगा.कांग्रेस अध्यक्ष से दो घण्टे की बातचीत में प्रतिनिधिमंडल उम्मीद करती है कि अब आश्वाशन नही नतीजा दिया जाए इसी संदर्भ में दो दिन बाद प्रतिनिधिमंडल फॉलोउप के लिए पुनःकांग्रेस अध्यक्ष से मिलेगा.
प्रतिनिधिमंडल में अंजुमन इस्लामिया रांची के अध्यक्ष हाज़ी मोख्तार अहमद,जमीतुल उल्लेमा-ए-हिंद झारखंड के महासचिव सह रांची ईदगाह के ईदेन मौलाना असग़र मिस्बाही,मुफ़्ती कमरे आलम,हज़रत रिसालदार बाबा दरगाह,रांची के महासचिव मो फारूक,अंजुमन इस्लामिया रांची के लीगल सेल के संयोजक अधिवक्ता अज़हर खान,मानवधिकार कार्यकर्ता नदीम खान, अल्पसंख्यक मुद्दों पर कार्यरत एस.अली,मो शाहिद आलम,मो कलीम खान उपस्थित थे.प्रतिनिधिमंडल के मौके पर कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिंह,डॉ एम.तौसीफ़, झारखंड मार्केटिंग बोर्ड अध्यक्ष रवींद्र सिंह, कांग्रेस कार्यालय प्रभारी अमूल्य नीरज खलखो उपस्थित थे.




