
Ranchi: जमीन कारोबारी कमलेश दुबे हत्या मामले में ग्रामीण एसपी ने रातू थाना प्रभारी को 5 दिनों के अंदर हत्याकांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था. इस घटना को सात दिन हो गये हैं और पुलिस को दिया गया अल्टीमेटम भी फेल हो गया है. लेकिन अब तक हत्या में शामिल अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
गौरतलब है कि रातू थाना क्षेत्र के पिर्रा में मोटरसाइकिल सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने बीते 30 दिसंबर की शाम जमीन कारोबारी कमलेश दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
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जमीन के बड़े कारोबारी थे कमलेश दुबे
जानकारी के अनुसार कमलेश दुबे की पहचान रातू क्षेत्र में बड़े जमीन कारोबारी के रूप में थी. इलाके में कई जगह उनका काम चल रहा था. रातू थाना के कई अधिकारियों ने भी उनसे जमीन खरीदी है.
जमीन विवाद को लेकर एक अन्य कारोबारी नागेन्द्र सैनी ने कमलेश दुबे पर मामला दर्ज कराया था. हालांकि, कमलेश के परिजनाें के अनुसार उनाकी किसी से कोई विवाद नहीं था और न ही किसी से कोई दुश्मनी थी.
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कमलेश दुबे के पिता की भी हुई थी हत्या
10 साल पहले कमलेश के पिता ब्रजकिशोर दुबे की भी हत्या हुई थी. उन्हें भी जमीन विवाद में अपराधियाें ने गोली मारी थी. कमलेश दुबे की हत्या से पहले अपराधियों ने पिस्टल दिखाकर उनके दो स्टाफ काे भगा दिया, इसके बाद उन्हें गाेली मार दी थी. घटना को अंजाम देते ही अपराधी मौके से तुरंत फरार हो गये.
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क्या है मामला
रातू थाना क्षेत्र के पिर्रा में 30 दिसंबर की शाम के करीब 7.15 बजे जमीन कारोबारी कमलेश दुबे की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. वे दुकान बंद कर घर जा रहे थे. तभी घात लगाकर बैठे तीन अपराधियाें ने घर से मात्र 50 कदम की दूरी पर उन्हें गोली मार दी.
गोली की आवाज सुनकर परिजन निकले और उन्हें एक निजी अस्पताल ले गये. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधी भागने में सफल रहे थे. जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त डीजीपी कमल नयन चाैबे कचहरी स्थित कंपोजिट कंट्रोल रूम में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर बैठक कर रहे थे.




