Jamshedpur

#JSCA की घर वापसी, 14 साल के बाद जमशेदपुर में AGM, कीनन स्टेडियम के लौट सकते हैं पुराने दिन

Jamshedpur: क्रिकेट के भविष्य को लेकर जमशेदपुर का वनवास खत्म हो गया है. 31 अक्टुबर को जमशेदपुर के साकची में झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) होगी. इससे पहले 2005 में जमशेदपुर में एजीएम का आयोजन किया गया था.

उस समय हुई एजीएम काफी विवादित भी रही थी. आपको बता दें कि आज भी जेएससीए का मुख्यालय जमशेदपुर ही है. फिर भी झारखंड क्रिकेट के सारे ऑपरेशन की देखरेख रांची से हो रही है. लेकिन नए अध्यक्ष डॉ नफीस जमशेदपुर के रहने वाले हैं.

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ऐसे में कई दिनों से एजीएम के जमशेदपुर में होने की खबरें आ रही थी. जिसपर अब अंतिम मुहर लग गई है. जेएससीए के एजीएम में साल भर के आय-व्यय का लेखा-जोखा तैयार किया जाएगा. इसके अलावा कई और महत्वपूर्ण मसौदे हैं जिस पर डॉ नफीस की टीम चर्चा करेगी.

कीनन स्टेडियम की बदलेगी तकदीर

डॉ नफीस के अध्यक्ष बनने से कीनन स्टेडियम की तस्वीर बदलने की आस एक बार फिर से जगी है. 12 अप्रैल 2005 के बाद कीनन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैच का सूखा चल रहा है. इस बार के वार्षिक आम बैठक में कीनन स्टेडियम में क्रिकेट की संभावनाओं को भी तलाशा जायेगा.

जमशेदपुर के सदस्य कीनन स्टेडियम में इंटरनेशनल मैच के अलावा आइपीएल मैच कराने को लेकर आवाज बुलंद कर सकते हैं. सभी सदस्यों की सहमति से बोर्ड अपनी मुहर भी लगा सकता है.1939 में बने कीनन स्टेडियम में फिलहाल 19000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है.

लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में स्टेडियम दिन-ब-दिन बदहाली का शिकार होता जा रहा है. 2010 में कीनन में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप और सीटिंग क्षमता बढ़ाने के सिलसिले में तत्कालीन अध्यक्ष अमिताभ चौधरी और टाटा स्टील के आधिकारियों के बीच बैठक में आपसी सहमति बनी भी.

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लेकिन जेएससीए बोर्ड के रांची शिफ्ट होने के चलते बैठकों का सिलसिला अधूरा रह गया. इस बार के एजीएम के बाद कीनन के लिए हर कवायद में तेजी आने के पूरे आसार हैं.

महेंद्र सिंह धोनी को आजीवन सदस्यता

इस एजीएम में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को मानद सदस्य से आजीवन सदस्य बनाए जाने पर मुहर लगनी तय है. आजीवन सदस्य बनने के बाद धोनी के अधिकार क्षेत्र में भी इजाफा होगा. उहाहरण के तौर पर चुनाव में धोनी को न केवल मतदान का अधिकार प्राप्त होगा, बल्कि धोनी प्रत्याशी बनकर चुनाव भी लड़ सकेंगे. इसके अलावा धोनी अब एक्टिव क्रिकट से दूर हैं लिहाजा उनका उपयोग जेएससीए झारखंड में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए भी करेगी.

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