
Dhanbad : झरिया के बस्ताकोला उप स्वास्थ्य केंद्र की छत सोमवार की देर रात गिर गयी. जिस वक्त छत गिरी आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग डर गये. संयोग अच्छा था कि जब हादसा हुआ तो स्वास्थ्य केंद्र बंद था. अगर दिन में छत गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
उप स्वास्थ्य केंद्र बस्ताकोला तीन से चार किलोमीटर तक के क्षेत्र को कवर करता है. यहां प्राथमिक इलाज और बच्चों का टीकाकरण होता है. साथ ही सहिया सखी की बैठक भी होती है. लेकिन इस उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन काफी जर्जर हो गया है. छत का प्लास्टर टूट-टूटकर गिरता रहता है. इसकी सूचना कई विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है. बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही.
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काफी पुराना और जर्जर हो चुका है भवन

घटना के संबंध में बस्ताकोला उपस्वास्थ्य केंद्र एएनएम नीता वर्मा और नीलिमा कर्मकार ने बताया कि भवन काफी पुराना है. यह भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है. यहां कई लोग प्राथमिक इलाज के लिए और टीकाकरण के लिए आते हैं. साथ ही कई सहायिका भी आती हैं.
इसके अलावा यहां बैठकें होती हैं, लेकिन बैठक के दौरान भी लोगों को डर लगा रहता है. उन्होंने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद इस भवन को मरम्मत कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है. जिससे लोग हादसे के डर से आशंकित रहते हैं.
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जल्द से जल्द हो भवन की मरम्मत
वार्ड 35 के पार्षद निरंजन प्रसाद ने कहा कि जर्जर उप स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राम चंद्र चंद्रवंशी, स्वास्थ्य अधिकारी धनबाद और उपायुक्त को पत्र लिखकर मांग की गयी थी. लेकिन आज तक इस भवन की मरम्मत नहीं करायी गयी. आखिरकार हादसा हो ही गया.
साथ ही पार्षद ने बताया कि गनीमत यह रही कि हादसा रात के वक्त हुआ. अगर दिन में यह हादसा होता तो जान-माल का नुकसान हो सकता था. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द इस भवन की मरम्मत कराने की जरूरत है.
वहीं जब इस बारे में धनबाद सिविल सर्जन गोपाल दास से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हमें भवन गिरने की जानकारी अभी तक नही मिली है. साथ ही कहा कि हम वहां कुछ लोगों को भेजकर मामले की जांच करवाते हैं.
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