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#JharkhandBudget2020: झारखंड के किसानों का 50 हजार तक का ऋण माफ, 100 यूनिट तक बिजली फ्री, 300 यूनिट तक बिजली जलायी तो 100 यूनिट फ्री

Ranchi: पांचवीं विधानसभा का पहला बजट वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन में रखा. बजट पेश करते समय सदन का माहौल काफी हंगामेदार था. बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने के लिए बीजेपी के विधायक वेल में नीचे फर्श पर बैठे हुए थे.

इसी बीच वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव बजट पेश कर रहे थे. हेमंत सरकार का पहला बजट चुनावी वादों के आस-पास घूमता दिखा. 86,370 करोड़ के बजट में राजस्व व्यय 73,315.94 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 13,054.06 करोड़ रुपये का है.

बजट में सबसे खास बात जेएमएम और कांग्रेस के चुनावी घोषणा पर अमल है. चुनाव से पहले दोनों पार्टियों ने किसानों का ऋण माफ करने का वादा किया था. हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य में सभी किसानों का 50,000 रुपये तक का कृषि ऋण माफ होगा.

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अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना

उससे पहले वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पत्रकारों को ब्रीफ करते हुए बताया कि किसानों के ऋण माफ करने के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना लायी जा रही है. ऋण माफी के लिए सरकार की तरफ से विभाग को 2000 करोड़ रुपये दिये जायेंगे.

हेमंत सरकार की दूसरी सबसे बड़ी घोषणा बिजली बिल को लेकर है. अब बिजली विभाग की तरफ से 300 यूनिट तक बिजली खर्च करनेवालों को 100 यूनिट बिजली मुफ्त दी जायेगी. अगर आप 300 यूनिट बिजली खर्च करते हैं तो आपको सिर्फ 200 यूनिट का ही बिल भरना पड़ेगा. वहीं जो 100 यूनिट तक बिजली खर्च करता है. उसके लिए बिजली फ्री रहेगी.

एपीएल परिवारों को भी स्वास्थ्य योजना का लाभ

राज्य में अब सिर्फ बीपीएल कार्डधारी को ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि एपीएल परिवारों को भी राज्य सरकार की योजना से स्वास्थ्य लाभ मिलने जा रहा है.

पांच लाख तक की चिकित्सा पर बीमा कंपनी की तरफ से एक लाख रुपये दिया जायेगा. वहीं इलाज का खर्च एक लाख से पांच लाख तक होने की सूरत में पीड़ित परिवार को मरीज के डिस्चार्ज के वक्त आधी राशि मिलेगी और बाकी राशि अस्पताल सरकार से लेगा.

यह योजना सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है, जो राज्य सरकार या केंद्र सरकार की नौकरी करते हैं. ऐसे में राज्य के करीब 92 फीसदी लोग इस योजना से लाभ ले सकेंगे.

सभी ग्रेजुएट छात्रों को सहायता राशि

सभी ग्रेजुएट और पीजी छात्रों को सरकार की तरफ से सहायता राशि दी जायेगी. ग्रेजुएट को सालाना पांच हजार और पीजी पास छात्रों को 7000 रुपये की राशि देने की योजना बनी है. राशि दो साल तक देने का प्रावधान है.

यह राशि वैसे छात्रों को दी जायेगी जिन्होंने ग्रेजुएशन या पीजी पिछले तीन सालों के अंदर किया है. हेमंत सोरेन ने इस योजना पर कहा कि हमारा प्रयास बेरोजगारों को रोजगार देना है. यह राशि बेरोजगार छात्र को परीक्षा का फॉर्म भरने और परीक्षा देने के लिए दी जा रही है.

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मुख्य बातें

  • वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्थापना व्यय में 37,445.06 करोड़ रुपये, राज्य स्कीम में 34,485.72 करोड़ रुपये, केंद्रीय सेक्टर स्कीम में 3,315.27 करोड़ रुपये और केंद्र प्रायोजित स्कीम में 11,123.95 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
  • वित्तीय वर्ष 2014-15 में विकास दर 12.5% थी और वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2018-19 की अवधि में राज्य की औसत वार्षिक विकास दर करीब 5.7% रही. इस साल यह 7.2% रहने का अनुमान है.
  • पिछले वित्त वर्ष में प्रति व्यक्ति आय 62,345 रुपये थी. इस वित्तीय वर्ष यह 65,802 रुपये रहने का अनुमान है.
  • किसानों को अब धान बेचने पर पहले के समर्थन मूल्य से ज्यादा राशि मिलेगी. पहले 2000 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता था. जिसे बढ़ा कर अब 2500 कर दिया गया है. इस योजना के लिए सरकार की तरफ से 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है. याजना का नाम धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता है.
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा के स्वरूप में बदलाव करते हुए साल 2020 के खरीफ फसल के लिए झारखंड राज्य राहत कोष बनाने का फैसला किया गया है. इस योजना के लिए 100 करोड़ बजट का प्रबंध किया गया है.
  • प्रतीक्षा सूची से छुटे लाभुकों के लिए बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आवास योजना के तहत 5000 आवास बनाये जायेंगे. इस योजना के लिए सरकार की तरफ से 4199 करोड़ का बजट लाया गया है.
  • राज्य के 57 लाख गरीब परिवारों को खाद्यानन को अलावा धोती लुंगी और साड़ी सिर्फ दस रुपये की कीमत पर दी जायेगी.
  • मध्याह्न योजना के अंतर्गत काम करनेवाली रसोईसा सह सहायिका के मानदेय को 1500 से बढ़ाते हुए 2000 कर दिया गया.
  • कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को किताब और क्सूल ड्रेस के लिए 1500 की राशि को बढ़ाते हुए 2700 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया है. इसके लिए 100 करोड़ का बजट है.
  • सभी सरकारी विद्यालय में पढ़नेवाले छात्रों को छात्रवृति दी जायेगी. इसके लिए मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृति योजना लायी गयी है.
  • प्रधानमंत्री योजना के तहत जितनी भी राशि लाभुकों को दी जाती है, अब राज्य सरकार की तरफ से उसमें 50,000 रुपए बढ़ा कर दिया जायेगा. साथ ही लाभुक अपने घर को राज्य का भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अपने तरीके से भी बना सकते हैं.
  • आठ लाख रुपये वार्षिक आय वाले सभी परिवारों को देश के प्रसिद्ध अस्पतालों में कैंसर, किडनी और गंभीर लीवर रोग का इलाज मुफ्त किया जायेगा. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि जल्द ही इस योजना में ब्रेन हैमरेज भी जोड़ा जायेगा.
  • 50 साल से ज्यादा के सभी बुजुर्गों को और सभी विधवा महिलाओं को इस वित्त वर्ष से राशन मुहैया कराया जायेगा.
  • राज्य में 377 दाल-भात केंद्रों पर पांच रुपये में खाना दिया जा रहा है. इस योजना को आगे बढ़ाते हुए 70 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री कैंटीन योजना शुरू किये जाने का प्रस्ताव है.
  • सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण करने के लिए सरकार की तरफ से 240 करोड़ के अतिरिक्त बजट का इंतजाम किया गया है.

जानिये कहां से आयेंगे पैसे

एडवांस और ऋण की वसूली0.07 प्रतिशत
उधार12 प्रतिशत
केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा30.08 प्रतिशत
राज्य को प्राप्त टैक्स25.09 प्रतिशत
राज्य को गैर करों से प्राप्ति13.68 प्रतिशत
सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान18.34 प्रतिशत

कहां खर्च होंगे पैसे

हेल्थ 5.31प्रतिशत
शिक्षा 15.64प्रतिशत
ग्रामीण विकास और पंचायत13.22 प्रतिशत
सड़क परिवहन4.99 प्रतिशत
कृषि, जलसंसाधन7.26 प्रतिशत
कल्याण अल्पसंख्यक सहित8.28 प्रतिशत
गृह और आपदा प्रबंधन8.32 प्रतिशत
नगर विकास, पेयजल एवं स्वच्छता6.72 प्रतिशत
ब्याज6.54 प्रतिशत
ऋण का पुर्नभुगतान3.54 प्रतिशत
अन्य6.36 प्रतिशत

 

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