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Jharkhand NEWS : टास्क फोर्स लगाएगी TB पर ब्रेक, तेजी से बढ़े कोरोना के मरीज

Ranchi : स्वास्थ्य विभाग राज्य में टीबी (यक्ष्मा) के बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर हो गया है. वहीं कोविड के मरीजों की संख्या में अचानक हुई वृद्धि ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है. यह देखते हुए टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए टीबी टास्क फोर्स का गठन किया गया है. जो राज्य में मिल रहे मरीजों के जांच से लेकर इलाज पूरा होने तक उनपर नजर रखेगी. वहीं मरीजों के खाने का भी इंतजाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से ही किया गया है. जिससे कि तेजी से उनकी रिकवरी हो सके. बताते चलें कि 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है.

एक साल में 14 परसेंट मरीज बढ़े

सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो राज्य में 2020 की तुलना में 2021 में 14 परसेंट से अधिक टीबी के मरीज मिले हैं. पूरे राज्य में अभी 52,324 टीबी के एक्टिव केस हैं. वहीं 2021 में कुल 1693 एमडीआर टीबी के मरीजों की पहचान हुई थी. जिसमें 896 मरीज सरकारी और 797 मरीज प्राइवेट हॉस्पिटलों में अपना इलाज करा रहे हैं. 2019 में कुल 1997 मामले एमडीआर टीबी के थे.

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रांची में एक साल में 6,420 मरीज

रांची में 2021 में कुल 9,980 टीबी के मरीजों को चिन्हित करने का लक्ष्य रखा गया था. दिसंबर 2021 तक 65 परसेंट टारगेट पूरा किया जा सका. जिसके तहत 6420 टीबी के मरीज चिन्हित किए गए और उनका इलाज शुरू कर दिया गया.

सरकारी हॉस्पिटल्स की तुलना में प्राइवेट हॉस्पिटल्स में टीबी के ज्यादा केस आए. गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में जहां 2,509 मरीजों की पहचान हुई, वहीं प्राइवेट में 3,911 मरीजों की पहचान हुई. वहीं 2022 में भी दो महीनों में 798 मरीजों की पहचान हुई थी. जिसमें 417 मरीज गवर्नमेंट और 381 मरीजों की पहचान प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई.

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एनजीओ संग अभियान करेंगे तेज

टास्क फोर्स को निर्देश दिया गया कि अलग-अलग विभागों और एनजीओ से कोआर्डिनेट करते हुए लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करें. जिससे कि टीबी को फैलने से रोका जा सकेगा. हालांकि लोग पहले से ज्यादा जागरूक हुए है. इस वजह से मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. लेकिन अब इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. टीबी को लेकर काम करने वाले एनजीओ के साथ मिलकर अभियान को तेज करने को कहा गया है जिससे कि टीबी को खत्म किया जा सके.

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कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर

मरीजों की पहचान के बाद उनके सभी टेस्ट किए जाएंगे. वहीं टेस्ट के बाद इलाज कराना सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसकी मॉनिटरिंग के लिए भी लोगों को तैनात किया जाएगा. इसके अलावा टीबी के मरीजों को प्रापर डाइट देने के लिए भी सरकार की ओर से 500 रुपये प्रति महीना दिया जा रहा है. इलाज पूरा होने तक यह भी सभी मरीजों को मिले इसकी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा टीबी के मरीजों को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने को भी कहा गया है.

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