
Ranchi: पिछले कुछ सालों से झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलमेंट एजेंसी ज्रेडा की ओर से सोलर सिटी पर काम किया जा रहा है. योजना के तहत गिरीडीह जिला को सोलर सिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पावर प्लांट लगाये जा रहे है. लेकिन कमर्शियल उपभोक्ताओं को सोलर एनर्जी के उपयोग के लिये अभी इंतजार करना होगा. योजना के तहत कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी कमर्शियल उपयोग के लिये सोलर पावर प्लांट लगाया जाना है. लेकिन ज्रेडा की ओर से निकाली गयी टेंडर प्रक्रिया में एक भी एजेंसियों ने रूचि नहीं दिखायी.
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ज्रेडा की ओर से उर्जा विभाग को सौंपी गयी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गयी है. जिसमें बताया गया है कि वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिये 5 मेगावाट रूफटॉप सोलर पावर प्लांट और ग्राउंड मॉउन्टेड सोलर पावर प्लांट के लिए 18 मेगावाट क्षमता का कार्यान्वयन किया जाना है. कार्य रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी मोड रेसको मोड पर किया जाना है. टेंडर में इसकी जानकारी भी दी गयी है. लेकिन इसमें एक भी एजेंसियों ने रूचि नहीं ली. जिसके कारण प्रोजेक्ट पर काम रूका है.
क्या है रेसको मोड
रेसको मोड एक शून्य निवेश मॉडल है. योजना में उपभोक्ताओं को मेंटनेंस और संचालन की लागत चयनित एजेंसी को देनी है. इसमें किसी तरह का खर्च उपभोक्ता की ओर से नहीं की जानी है. ऐसे में उपभोक्ताओं को राहत की बात कहीं गयी है. बता दें योजना केंद्र सरकार की है. योजना में कुल 106.57 करोड़ रूपये खर्च किया जाना है.
एक मेगावाट सोलर रूफटॉप प्लांट इंस्टॉल
योजना के तहत चार स्तरों पर सोलर रूफटॉप पावर प्लंाट लगाया जाना है. इसके तहत ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप पावर प्लांट के तहत 77 करोड़ की लागत से 17 मेगावाट रूफटॉप पावर प्लांट लगाया जाना है. इसके तहत जरेडा ने एक मेगावाट पावर प्लांट जिला में इंस्टॉल किया है. सोलर स्ट्रीट लाइट के तहत 3.75 करोड़ की लागत से एक मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाना है. इसके तहत अलग अलग स्थानों में 2000 स्ट्रीट लाइट 24 केवी क्षमता के लगाये गये है.




