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#Jharkhand में कोरोना से मरने वाले बुजुर्ग का तबलीगी कनेक्शनः बांग्लादेश और दिल्ली से लौटे जमातियों से की थी मुलाकात

Akshay Kumar Jha

Ranchi/Bokaro: झारखंड में अब तक कोरोना से 17 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. रांची आठ मरीजों के साथ पहले नंबर पर है तो बोकारो छह मरीजों के साथ दूसरे नंबर पर है. झारखंड में कोरोना संक्रमण से पहली मौत बोकारो जिला के बेरमो अनुमंडल के साड़म गांव के दलाल टोला के बुजुर्ग की हुई है.

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72 साल के बुजुर्ग के मौत से ठीक दो घंटा पहले टेस्ट में वो कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. उसकी मौत के बाद यह तो साफ हो गया था कि मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है. लेकिन इस बात से पर्दा नहीं उठ पा रहा था कि आखिर बुजुर्ग कैसे कोरोना संक्रमित हुआ.

इस बात से बुजुर्ग के घरवालों ने ही पर्दा उठाया है. पहले तो बुजुर्ग के घरवालों ने इस बात से इनकार किया कि उनके घर से किसी जमाती का कनेक्शन है. लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि 20 या 21 मार्च को बुजुर्ग बोकारो के तेलो गांव गए थे. जहां से बोकारो में पहली कोरोना संक्रमित महिला थी.

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संक्रमित महिला के घर गया था बुजुर्ग

बुजुर्ग के घरवाले अब यह बात कबूल रहे हैं कि तेलो से उनके ताल्लुकात हैं. हमेशा वहां उनलोगों का आना-जाना लगा रहता है. 20 या 21 मार्च को भी बुजुर्ग तेलो गए थे और जिस महिला को सबसे पहले कोरोना संक्रमित पाया गया था, उनके घर ठहरे थे.

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बता दें कि उस महिला के घर में तीन और कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. उस गांव से कुल 9 लोग जमात में शामिल होने के लिए पहले बांग्लादेश और बाद में दिल्ली भी गए थे. तेलो के ही एक और मुस्लिम धर्म प्रचारक पॉजिटिव पाए गए हैं.

जो जमात में शामिल होने के लिए बांग्लादेश और दिल्ली गए थे. उनसे भी बुजुर्ग की मुलाकात हुई थी. स्वास्थ्य विभाग को मिली सूचना के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बोकारो में कोरोना के संक्रमण का हॉटस्पाट चंद्रपुरा प्रखंड का तेलो व सटा हुआ घटियारी पंचायत हो गया है.

तबलीगी जमात की तरफ से सूचना छुपाने और खुद को व्यवस्था से अलग समझने की भूल ने सभी को परेशानी में डाल दिया है. प्रशासन की नजर अब उन 26 सैंपल पर टिकी हुई है जो कि पॉजिटिव मरीज की मृत्यु के बाद साड़म के चटनियांटाड़ से लिये गये हैं. हालांकि परिवार के लोगों का कहना है कि मृतक बुजुर्ग तेलो से लौटने के बाद गांव से कहीं नहीं निकला. केवल गांव की मस्जिद में अजान के लिए जाया करता था.

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कोरोना संक्रमित धर्म प्रचारक करता था मोटर पंप का काम

चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो का रहने वाला तबलीगी धर्म प्रचारक धर्म के प्रचार के अलावा चंद्रपुरा स्टेशन रोड में पंप बनाने का काम करता था. प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग 18 मार्च के बाद उसकी ट्रैवल हिस्ट्री तलाश रहा है.

पता लगाया जा रहा है कि 19 मार्च से 2 अप्रैल के बीच उसने दुकान खोली थी या नहीं. यदि खोली थी तो कितने लोगों के संपर्क में आया. हालांकि संक्रमित धर्म प्रचारक दुकान खोलने से इनकार कर रहा है. लेकिन प्रशासन को लगातार झूठ बोलने की वजह से प्रशासन उसकी बातों पर पूरी तरह से भरोसा करने से बच रहा है.

हर बिंदू पर जांच हो रही है कि वह कब, कहां, कैसे और किससे मिलता रहा. मरीज के परिवार में सदस्यों की संख्या चार है. परिवार में उसके अलावा पत्नी और दो नाबालिग बच्चे हैं. पत्नी भी उसके साथ दिल्ली की जमात में शामिल होने के लिए गई थी. इसलिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध के गांव में लगभग 600 परिवारों की स्क्रीनिंग की है. सभी के घर को सैनिटाइज किया गया और यहां के 44 लोग जो किसी ने किसी रूप में उससे संपर्क में आए थे सभी को डीपीएस के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया है.

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