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गढ़वा: आदमखोर तेंदूए के करीब पहुंचा शिकारी दल, भंडरिया इलाके में पांव के निशान और मल मिला

Palamu: आदमखोर तेंदूए की खोज में हैदराबाद से गढ़वा पहुंचे शिकारी दल को तेंदूए के मल एवं पद चिन्ह मिले हैं. शिकारियों का दल का नेतृत्व मशहूर शूटर नवाब सफथ अली खान कर रहे हैं. लगभग एक सप्ताह से शिकारियों का दल जंगली इलाकों में तेंदूए की खोज में लगा है. हालांकि 50 कैमरे, तीन ऑटोमेटिक केज (पिंजरा) भी तेंदूए के संभावित उपस्थिति वाले क्षेत्र में लगाए गए हैं.

मल का हिस्सा जमा करते वनकर्मी

दिखे पैर के निशान

गढ़वा के वन प्रमंडल के पदाधिकारी उतरी शशि कुमार ने बुधवार को कहा कि हम तेंदूए के काफी करीब पहुंच चुके हैं. भंडरिया प्रखंड के कुछ इलाकों में तेंदुए के पांव के निशान और उसका मल आज सुबह दिखा है. किसी भी वक्त हमारा सामना तेंदूए से हो सकता है. डीएफओ शशि कुमार ने दावा किया है कि तेंदुआ 10 से 20 वर्ग किलो मीटर के दायरे में है. उसे पकड़ने के लिए बहुत तेजी से वन विभाग सक्रिय है. उन्होंने कहा कि पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के पास तेंदूए को मारने का प्रस्ताव भी भेजा गया है. अबतक हमें कोई जवाब नहीं मिला है. फिलहाल तेंदूए को बेहोश कर पकड़े जाने की अनुमति ही प्राप्त है, लेकिन पकड़े जाने के दौरान अगर तेंदूए ने हमला कर दिया तो तेंदूए की जान भी जा सकती है.

शिकारी सफथ अली खान का अजब शौक

गढ़वा में तीन लोगांे की जान ले चुके आदमखोर तेंदूए को पकड़ने के लिए हैदराबाद से आए नवाब सफथ अली खान बिना किसी पराश्रमिक के इस काम में अपनी टीम के साथ रात्रि में जंगलों की खाक छान रहे हैं. उनका यह अभियान रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होकर सुबह के 4 बजे तक चल रहा है. हमने वन अधिकारी से उत्सुक्तावश यह जानना चाहा कि इस शिकारी दल पर सरकार का क्या खर्च आ रहा है? वन विभाग के अधिकारी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शिकारी दल बिना किसी खर्च के हैदराबाद से आया है. ये देश के मशहूर शूटर हैं. इनके खाने-पीने एवं रहने की व्यवस्था वन विभाग द्वारा की गयी है.

मारने से परहेज नहीं करेगा विभाग

डीएफओ ने कहा कि आदमखोर तेंदुए को पकड़ने की तैयारी है लेकिन वन विभाग को अगर अवसर मिले तो उसे मारने से परहेज नहीं करेगा. इसके लिए तैयारी भी पूरी की गयी है. आदमखोर तेंदुए को मारने पर कमेटी ने सहमति दे दी है. वन संरक्षक अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव की अध्यक्षता में एक टीम बनायी गयी. इसमें डीएफओ शशि कुमार, पलामू व्याघ्र परियोजना के उपनिदेशक मुकेश कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ राकेश जोजो, जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, अमर शांति संस्था के सचिव राजेश कुमार चौबे सहित गांव और पंचायत के लोगों भी शामिल किया गया है.

एक महीने से ज्यादा तलाश फिर भी हाथ खाली

वन विभाग एक महीने से ज्यादा समय से तेंदुआ की तलाश कर रहा है. एक के बाद एक हमले करके तेंदुए ने अपने होने का सबूत दिया लेकिन वन विभाग की पहुंच से दूर रहा. तेंदुए कितने की संख्या में है, उनका इलाका कौन सा है कितने किलोमीटर की रेडिएस में वह सफर कर रहे हैं. ऐसे कई सवालों के जवाब वन विभाग के पास मौजूद हैं लेकिन इतनी अहम जानकारियों के बाद भी उनके हाथ अबतक खाली है. बैरिया गांव के जंगल में तेंदुआ दिखा, शूटर शफत अली खान पूरी तैयारी के साथ थे लेकिन तेंदुए ने इतनी दूरी बना रखी थी कि उसे ट्रेंकुलाइज करना मुश्किल था. सर्चलाइट की रोशनी में तेंदुआ देखा गया था. तेंदुआ बैरिया, कुशवार, बीराजपुर, रोदो गांव के इर्द-गिर्द में ही घूम रहा है.

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