JharkhandPalamu

पलामू: सूखे का आंकलन करने पहुंची केन्द्रीय टीम, कई इलाकों का किया दौरा

Daltonganj: सूखे की स्थिति का आंकलन करने के लिए केन्द्रीय टीम पलामू पहुंच चुकी है. टीम के द्वारा जिले के अलग अलग क्षेत्रों में जाकर सूखे की स्थिति की जानकारी ली जायेगी. पहले दिन टीम चैनपुर प्रखंड के कई क्षेत्रों का दौरा किया और खरीफ फसल की स्थिति की जानकारी ली. मेदनीनगर पहुंची केंद्रीय टीम में डायरेक्टर सीडब्लूसी प्रमोद नारायण, उप निदेशक महेश कुमार, सहायक निदेशक ब्रिज मोहन सिंह, उप कृषि निदेशक (अभियंत्रण) अशीम रंजन एक्का शामिल हैं.

पलामू पहुंचने पर केन्द्रीय एवं राज्यस्तरीए टीम ने सर्किट हाउस में कृषि विभाग के अलावा सदर एसडीओ, उद्ययान एवं आपदा पदाधिकारी के साथ बैठक की. बैठक के दौरान अधिकारियों ने जिले के पदाधिकारियों से कई बिन्दुआंे पर रिपोर्ट मांगी है.सुखाड़ राहत पैकेज के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली है. बता दें कि हाल में ही झारखंड सरकार द्वारा किसानों के बीच सूखाड़ राहत के रूप में प्रति किसान 3500 रूपए वितरण किया गया है. इस रात पैकेज के बारे में भी एवं किसानों की संख्या की जानकारी केन्द्रीय टीम ने ली है.

बैठक के बाद टीम के पदाधिकारी चैनपुर प्रखंड के बांसडीह और महुगांवा का स्थल निरीक्षण किया. टीम के द्वारा तरहसी, सतबरवा सहित अन्य क्षेत्रों का भी दौरा करने की सूचना है. केन्द्रीय टीम ने दौरे के दौरान नदियों एवं जलाशयों में पानी की स्थिति का आंकलन भी किया. गांव में पहुंचने के बाद केन्द्रीय टीम खेतों में गई और चौपाल लगाकर किसानों से बारी बारी पूरे मामले की जानकारी ली. किसानों ने भी खुलकर जानकारी दी है.

सूखे के कारण माड़-भात पर संकट है:किसान

टीम ने महूगांवा में चौपाल लगाकर स्थानीय रैयीतों से सूखे की जानकारी ली.इस दौरान मौजूद सभी किसानों ने एक सुर में टीम के सदस्यों को बताया कि यह सूखा वर्ष 1966 में पड़े सूखे से भी भयावह है.किसानों ने कहा कि अभी फसल नहीं हुआ है तो किसान पलायन कर दूसरे राज्य में जाकर दो पैसा कमा ले रहें हैं हमलोगों की चिंता भविष्य में पेयजल को लेकर है.गांव के तालाब सुख चुकें हैं चापाकल भी जवाब दे रहा है.स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल को लेकर कोई व्यवस्था नहीं हुई तो लोग पानी बिना कैसे रहेंगे.सभी लोगों ने एक साथ टीम से दीप बोरिंग व पेयजल के अन्य संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग की.किसान आदित्य नारायण पांडे ने कहा कि उन्होंने अपने 70 वर्ष के उम्र में ऐसी स्थिति नहीं देखी सुखा के कारण तो माड़-भात पर संकट आ गयी है.इसी तरह टीम ने बंदुवा गांव का भी दौरा कर लोगों से सूखे के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया.

चैनपुर में सूखे की स्थिति का जायजा लेती केन्द्रीय टीम

सही स्थिति की जानकारी ली गई किसानों से

चैनपुर में ही केन्द्रीय टीम ने किसानों को खेत में एकजुट कर उनसे फसलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. किसानों ने कहा कि धान के बिचड़े तैयार किए गए थे. कई दिनों तक उसे बचाकर रखा, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण उसे खेतों में नहीं लगा पाए. अब पेयजल की समस्या बन गई है.

बता दें कि राज्य सरकार ने पलामू के सभी प्रखंडों को सूखाड़ क्षेत्र घोषित किया है. जिले में 2022 में 135917 हेक्टेयर में धान, मक्का, दलहन, तेलहन तथा मोटे अनाज की खेती के लक्ष्य के विरूद्ध में मात्र 47790 हेक्टेयर में ही खरीफ फसलांे का आच्छादन किया गया है. वर्षा के अभाव में 47790 हेक्टेयर में आच्छादित खरीफ फसलों का उत्पादन भी बहुत कम हुआ है. सबसे खराब स्थिति धान की है. 51000 हेक्टेयर में धान की खेती करने का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध मात्र 2500 हेक्टेयर में ही आच्छादन किया गया था.

इसे भी पढ़ें: झारखंड कांग्रेस के पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई चर्चा

Related Articles

Back to top button