
Ranchi : बिजली संकट से उभरने के लिये झारखंड बिजली वितरण निगम ने लोन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है. यह लोन पांच सौ करोड़ का है. जिसके लिये पिछले दिनों प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया. लेकिन अधिकारियों की मानें तो निगम को ये लोन मिलने में अभी समय लगेगा. अधिकारियों की मानें तो राज्य सरकार इसे आकास्मिक निधि से जेबीवीएनएल को देगी. वहीं, सरकार इस प्रस्ताव को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ले जायेगी. अधिकारियों की मानें तो राज्य सरकार अगर ये लोन निगम को अभी देती है, तो अनुपूरक बजट पास करके इस लोन की कटौती कर ली जायेगी. पिछले दिनों निगम बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्रस की बैठक में भी अधिकारियों ने इस पर सहमति जतायी थी. निगम को ये राशि मिलने के बाद निगम डीवीसी समेत अन्य बिजली उत्पादक कंपनियों को देगी. जिसके बाद केंद्र से हो रही बिजली कटौती खत्म की जायेगी. संभावना है कि पंद्रह दिसंबर के बाद राज्य में शीतकालीन सत्र का आयोजन किया जायेगा.
निगम अपने स्तर से कर रहा प्रयास
पावर संकट से उभरने के लिये जेबीवीएनएल लगातार प्रयासरत है. निगम की ओर से निर्देश जारी किया गया है कि लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन काट कर बकाया वसूला जायेगा. इस क्रम में खराब बिलिंग वाले इलाकों को भी चिन्हित किया जायेगा. इससे निगम के राजस्व वसूली में तेजी आयेगी. जिससे उत्पादक कंपनियों को भुगतान किया जायेगा. जानकारी हो कि निगम की ओर से डीवीसी को बिजली खरीद का पैसा नहीं दिया जा रहा था. जिसके बाद केंद्र सरकार ने सेंट्रल पावर एक्सचेंज और डीवीसी कमांड एरिया में बिजली काटौती का आदेश दिया.
500 मेगावाट बिजली की कमी
राज्य में फिलहाल पांच सौ मेगावाट तक बिजली की कमी है. ये कमी सेंट्रल पुल से की जा रही है. केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जब तक राज्य सरकार बकाया भुगतान नहीं करती है, तब तक सामान्य बिजली नहीं मिलेगी. वहीं, जेबीवीएनएल को पिछले कुछ समय से राजस्व वसूली में नुकसान हो रहा है. जिसके कारण ये स्थिति हुई है. डीवीसी की ओर से भी दस फीसदी बिजली कटौती की जा रही है.
राजधानी मे बनी हुई है समस्या
रांची के अलग-अलग इलाकों में छह घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है. जबकि कुछ इलाकों में आधे घंटे से लेकर दो घंटे तक की कटौती की जा रही है. राजधानी रांची में प्रति दिन लगभग 300 मेगावाट तक बिजली की जरूरत होती है. पिछले कुछ समय से राजधानी में 260 मेगावाट तक बिजली मिल रही है. जिससे राजधानी में ये समस्या हेा रही है. बिजली में कटौती सेंट्रल पुल से किया जा रहा है. पीक ऑवर में सुबह 6 बजे से 10 बजे और शाम को 6 बजे से रात 11 बजे तक लोड शेडिंग की जा रही है.
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