
Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला के उपायुक्त के निदेशानुसार बुधवार को जिला संरक्षण कार्यालय तथा चाइल्ड फण्ड,इंडिया के संयुक्त तत्वावधान से होटल सनशाइन, चाईबासा में जिलास्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. जिसमे राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य विकास दोदराजका ने जे० जे० कानून और पोक्सो एक्ट के बारे में सभी हितधारकों को जानकारी दी. बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनिता तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जॉइंट एक्शन प्लान चलाया जा रहा जिसके तहत नशापान करने वाले सभी बच्चों को रोका जाना है . उनका नियमित परामर्शी एवं उनके परिजनों से मिलकर फ़ॉलो अप किया जाना है. उन्होंने जिला में चल रहे विभिन्न विभागों के योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी. बाल कल्याण समिति के सदस्य जईदु करजी ने बाल विवाह, बाल तस्करी एवं बालश्रम कानून के बारे में बताया. बाल रक्षा भारत से आई दिव्या तिग्गा ने बाल संरक्षण के व्यापक पहलुओं के बारे में सभी हितधारकों को कार्य करने के तरीकों के बारे में अवगत कराया. उन्होंने हर तकनीकी प्रयास में सहायता उपलब्ध कराने एवं सहयोग करने की बात कही. पुलिस बाल कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि सभी प्रखंडों में बाल तंत्र मित्र के रूप में कार्यरत है,जंहा बच्चों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाने से लेकर उनके पुनर्वास हेतु बाल कल्याण समिति को सुपुर्द करने का काम विभागीय स्तर पर किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सभी पुलिस थाना प्रभारी जे० जे० एक्ट के बारे में जानकारी रखते है. चाइल्ड फण्ड के जॉन वीरेंद्र लकरा ने बैठक का मुख्य उद्देश्य के बारे में बताया कि पिछले जिला स्तरीय त्रैमासिक बैठक के मुख्य कार्य बिंदु को चैनलाइज़ करना एवं विभिन्न क्षेत्रों के आये मुद्दों के बारे में अध्ययन कर समस्याओं को दूर करना है. इस कार्यशाला का संचालन चाइल्डफंड झारखंड के राज्य समन्वयक पॉलोमी जी ने किया. उन्होंने ने चाइल्डफंड संस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सभी सीपी.वर्किंग एनजीओ एक साथ आएं और सीपी के संबंध में सरकारी हितधारकों/अधिकारियों का समर्थन करें और उन्हें मजबूत करें. उक्त बैठक में 12 प्रखंडों के पारा लीगल वोलंटियर, एकजुट संस्था के कर्मी, सी 3 के कर्मी, पुलिस विभाग के पदाधिकारी एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे.
अंधविश्वास के खिलाफ जन- जागरूकता अभियान
उपायुक्त के निदेशानुसार बाल संरक्षण कार्यालय मनोहरपुर तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय मनोहरपुर के संयुक्त तत्वावधान में प्रखंड मनोहरपुर के छोटानागरा पंचायत के जोजोगुटु गाँव में दूषित पानी तथा झाड़फूंक गुनी ओझा के चुंगुल की समस्याओं से निजात पाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया गया. प्रोटेक्शन ऑफिसर डाँ कृष्णा कुमार तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली के आदेश में प्रदूषित जल की समस्या से निजात पाने हेतु ग्रामीणों को विभिन्न तकनीकी ज्ञान से शुद्ध जल पीने योग्य बनाने हेतु आवश्यक जानकारी दी गई है. उन्होंने चुआं जमा जल पीने के कई नुकसान के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि इस प्रकार की अशुद्धि जल पीने से शरीर में कमजोरी, ऐंठन, पेचिश, हैजा, डायरिया,टाइफाइड, त्वचा रोग, ट्रेकोमा आदि होने का खतरा रहता है, ऐसी स्थिति को संभालने के लिए झाड़फूंक गुनी ओझा पास न जाकर टॉल फ्री नम्बर 108 पर कॉल कर हॉस्पिटल तुरन्त ले जाया जाय. इसके अलावा उन्होंने युवाओं को ध्रूमपान के दुष्प्रभाव के बारे में सलाह दी तथा उन्हें स्वयं जागरूकता अभियान चलाने हेतु प्रेरित किया. बाल विकास परियोजना पदाधिकारी गीता सोय ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप या अन्य जहरीले जीव काट ले तो उन्हें झाड़फूंक कराने के बजाय जल्दी से आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये सबसे पहले नजदीकी हॉस्पिटल तुरन्त मरीज को बिना लेट किये ले जाये. उन्होंने डायन प्रथा से संबंधित कानूनों के बारे प्रकाश डाला. उन्होंने समाज में परस्पर सहयोग करने की बात कही ताकि किसी परेशानी यदि हो तो मिलकर उनका समाधान किया जा सके. वही रोहित कुमार गुप्ता ने महिलाओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु वन स्टॉप सेंटर हेतु टॉल फ्री में निःशुल्क सहायता 181 में कॉल करने के लिये लोगों को प्रेरित किया. इस जागरूकता अभियान के दौरान बाईहातु, सेडुवा,जोजोगुटु एवं अन्य गाँव के लोगों ने शिरकत की. उक्त बैठक में छोटानागरा पंचायत के मुंडा कानुराम देवगम, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष चम्पिया, वन स्टॉप सेंटर,चाईबासा के रोहित कुमार गुप्ता, बाल संरक्षण कार्यालय से जगरनाथ पोद्दार, बाल विकास परियोजना कार्यालय के महिला पर्यवेक्षक दानेज, क्लर्क मार्टीन मुर्मू एवं मदन सहित सैकड़ों संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

जल संरक्षण पर जागरुकता अभियान
मारवाड़ी महिला समिति के द्वारा पद्मावती जैन शिशु मंदिर में कक्षा 9 एवं 10 के बच्चों के बीच जल संरक्षण कैसे किया जाए एवं जल का अपव्यय कैसे रोके इस विषय पर जागरुकता अभियान के तहत एक कार्यक्रम रखा गया . जिसमें रोटेरियन सौरव प्रसाद एवं रोटेरियन अमित पोद्दार ने बहुत ही सुंदर एवं सरल शब्दों में बच्चों को बहुत ही ज्ञानवर्धक बातें बताई. साथ ही इस अवसर पर महिला समिति के द्वारा माधव सभागार हेतु तीन सीलिंग फैन भी दिए गए.इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक एवं प्राचार्य उप प्राचार्य का सहयोग प्राप्त हुआ. समिति की तरफ से अध्यक्ष कविता शर्मा सचिव सोनी कोषा अध्यक्ष ममता सिंघानिया सविता अग्रवाल संगीता रुंगटा डिंपल मनीषा एवं सीमा जोशी उपस्थित थी.

वनभुजनी पूजा का आयोजन
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वैशाख शुक्ल पक्ष की शुभ बेला में आज बुधवार को उरांव समाज के बान टोला, मेरी टोला एवं चित्रो टोला में वनभुजनी पूजा का आयोजन किया. पूजन का आयोजन समाज के पाहन (पुजारी) फागु खलखो, पनभरवा दुर्गा कुजूर, मंगरू टोप्पो व सहयोगी चमरू लकड़ा, शम्भू टोप्पो, संजय कुजूर के द्वारा सरना स्थल ( चाला मण्डप ) में पूजा अर्चना किया गया. वहीं रात में पाहन व पनभरवा ने टोला मोहल्ले की सभी दुख-तकलीफ,हैजा,चेचक,कोरोना व मलेरिया जैसे महामारी बीमारी को दूर करने के लिए रात में उरांव समाज के अखाड़े में पूजा किया जाता है . प्रथा है कि आज के दिन मुहल्ले के सभी घरों में रात को घर के बाहर आँगन में चूल्हा बनाकर खाना बनाया जाता हैं, और सभी एक-दूसरे आपस में मिलजुल कर भोजन का ग्रहण करतें हैं, तथा देर रात पूजा के बाद पूजा स्थल से ही छोटे-छोटे बच्चें निर्वस्त्र होकर हाँथ में डंडा लिए पुरे टोला मुहल्ला का भ्रमण करेंगे . प्रथा अनुसार उरांव समाज के लोग अपने-अपने आंगन में एक हंडी रखते हैं जिसे निर्वस्त्र लड़के रात को घूम-घूमकर फोड़तें हैं . वही हंडियों को फोड़ने के बाद सभी लड़के श्मशान काली मंदिर में स्नान कर व वस्त्र पहनकर लौट आयेंगे . माना जाता है कि जो घर से हंडी नही निकलता है उसके घर की दुख दर्द तकलीफे दुर नही होती . अगले दिन सुबह में फोड़े गए हंडियों को मुहल्ले की प्रत्येक घर की महिलाएं उठाकर व उसकी साफ-सफाई कर श्मशान काली मंदिर के एकांत स्थान अथवा मुहल्ले के सीमा से बाहर फेंककर स्नान करेंगी व अपने-अपने घर वापस लौट आएंगी . इसके बाद ही यह पूजा सुचारू रूप से संपन्न होगी . इस अवसर पर समाज के मुखिया श्री लालू कुजूर व सभी पदाधिकारी खुदिया कुजूर,सीताराम मुण्डा,जगरनाथ लकड़ा,राजेन्द्र कच्छप,तेजो कच्छप,कृष्णा तिग्गा,सुखदेव मिंज,बंधन खलखो,रवि तिर्की,बिगु लकड़ा,भरत कुजूर,सुनिल खलखो,कलिया कुजूर, पिन्टु कच्छप, अजय लकड़ा,जगरनाथ कुजूर,दशरथ कुजूर,सुरज टोप्पो,सुखदेव मिंज,मनोज तिग्गा,मनीष तिर्की,बुधराम लकड़ा,सावन तिर्की,जगरनाथ टोप्पो,कृष्णा टोप्पो,रवि कुजूर,बिरसा लकड़ा,सुकरा कच्छप,करमा कुजूर,कृष्णा तिर्की,आकाश टोप्पो,देवानंद लकड़ा,दिलीप कच्छप,हुरिया बरहा,छेदु लकड़ा आदि समाज के लोग काफी संख्या में उपस्थित थे.





