
Jamshedpur : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि जमशेदपुर देश का एकमात्र ऐसा शहर है, जहां नगरपालिका के नाम पर असंवैधानिक जमशेदपुर अक्षेस चल रहा है. यह शहर दोहरे प्रशासन का शिकार है. ऐसा लगता है कि झारखंड के 23.5 जिलों में झारखंड सरकार काम कर रही है और आधे जिले में दोहरा शासन चल रहा है, जहां पूरी तरह से राज्य सरकार का नियंत्रण नहीं है. श्री राय ने कहा कि विधानसभा के बाहर और भीतर सरकार उनके सवालों का जवाब नहीं दे पा रही है. शुक्रवार को अपने बिष्टुपुर स्थित आवास पर आयोजित एक प्रेस कांफ्रेस में सरयू राय ने पिछले 2 साल में किये गये विकास कार्यों का ब्योरा सामने रखा. विधायक के अनुसार पिछले 2 वर्षों में उनके विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न पूर्ण एवं प्रस्तावित योजनाओं पर 30 करोड़ 38 लाख 28 हजार 332 रुपये खर्च किये गये हैं. इसके अलावा 15वें वित्त आयोग द्वारा 1558.17 17 लाख रुपये मिले हैं, जिनसे पूर्वी जमशेदपुर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक वायु गुणवत्ता प्रबंधन का काम किया जाना है.
विरासत में मिला समस्याओं का अंबार
सरयू राय ने कहा कि उन्हें इस विधानसभा क्षेत्र में कई समस्याएं विरासत में मिली है, जिनका वे जनहित में समाधान का भी प्रयास कर रहे हैं. श्री राय के अनुसार इन समस्याओं में बस्तियों का मालिकाना हक, म्युनिसिपालिटी, मोहरदा जलापूर्ति योजना, इंकैब यानी केबल कंपनी, टाटा लीज समझौता, अनियमित एवं बेतरतीब शहरीकरण तथा बेहतर एवं वृहत्तर जमशेदपुर जैसे मसले हैं. श्री राय के अनुसार मालिकाना हक के बारे में उन्होंने पिछले कई वर्षों में मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों तथा राजस्व सचिवों के साथ कई बैठकें की हैं. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में फैसला हो गया था कि किसी बाशिंदे को अधिकतम 10 डिसमिल जमीन लीज पर जा सकती है. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के लिए यह अवधारणा अव्यावहारिक है. वह प्रयास कर रहे हैं कि जो परिवार जिस भूखंड पर काबिज है, सरकार उसे उचित शुल्क लेकर उसके नाम से बंदोबस्त कर दे.
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मोहरदा जलापूर्ति योजना के फेज-2 की जरूरत
मोहरदा जलापूर्ति योजना का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि यह विकास कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप का जीता-जागता नमूना है. यह बताता है कि व्यक्तिगत अहंकार और निजी स्वार्थ किस तरह से जनहित का बंटाधार कर सकता है. श्री राय ने कहा कि मोहरदा जलापूर्ति परियोजना के निर्माण और परिचालन प्रक्रिया का अध्ययन करने के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मोहरदा जलापूर्ति परियोजना का फेज-2 तैयार करना होगा. इसको लेकर जुस्को और जमशेदपुर अक्षेस एकमत हैं. नया डीपीआर बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.
इंकैब की जमीन कब्जे में ले सरकार
इंकैब यानी केबल कंपनी पर बोलते हुए सरयू राय ने कहा कि वह कोशिश कर रहे हैं कि सरकार इस कंपनी की मशीनरी और साजो-सामान की चोरी के मामले को सीआईडी के आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दे. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि कंपनी की 177 एकड़ जमीन सरकार अपने कब्जे में लेकर औद्योगिक एवं विनिर्माण गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल करे.
जुस्को को देनी होंगी नागरिक सुविधाएं
सरयू राय ने कहा कि फिलहाल यहां की ज्वलंत समस्या नागरिक सुविधाओं की है. इसमें जुस्को आनाकानी कर रहा है. विधायक ने कहा कि उन्होंने लोगों के घरों तक पानी और बिजली का व्यक्तिगत कनेक्शन देने के लिए जुस्को पर जोर डाला है. लोग अगर साथ दें, तो वे किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं. सरयू राय ने जुस्को पर टाटा लीज समझौता के तहत छाया नगर, बाबूडीह, लालभट्ठा, भुइयांडीह, ब्राह्मटोला तथा लीज क्षेत्र में बसी अन्य बस्तियों में पेयजल, बिजली एवं जल निकासी की सुविधा देने से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि जुस्को को ये सुविधाएं लोगों को देनी ही पड़ेगी.
इन मुद्दों को समर्पित रहेगा साल 2022
श्री राय ने जमशेदपुर में विकास एवं जन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए संबंधित एवं व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए कहा कि उनका यह साल नदियों की स्वच्छता, शहर की प्रदूषण और नशा मुक्ति, बस्तियों के उत्थान, नागरिक सुविधाओं, औद्योगिक समूहों से सामाजिक एवं पर्यावरण दायित्वों का पालन कराने, महंगाई नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, समाज, युवा एवं नारी शक्ति के कल्याण एवं गरीबों तथा अल्प वेतनभोगी वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहेगा.
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