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जमशेदपुर : गर्माया आयुष्मान कार्ड  के बावजूद बच्चे की मौत का मामला, सीएम ने दिये जांच के आदेश

सागर पात्रो की मौत पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने की हेमंत सोरेन ने बात कही है. 

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Jamshedpur : सोमवार को एमजीएम अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के बावजूद 12 वर्षीय सागर की मौत के मामले में सीएम हेमंत सोरेन ने  जमशेदपुर डीसी को जांच का आदेश दिया है. सीएम ने  मौत होने के कारणों का पता लगाने के लिए भी कहा है.

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अपने ट्वीट में हेमंत सोरेन ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा सभी लोगों का हक है. हम लोगों के ये सुनिश्चित करना होगा कि हर घर तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचे. सागर पात्रो की मौत पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने की बात हेमंत सोरेन ने कही है.

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एक्शन में सांसद विद्युत वरण महतो

सागर पात्रो की मौत पर हुई किरकिरी के बाद सांसद विद्युत वरण महतो भी मंगलवार को एक्शन में आ गये. सासंद मंगलवार दोपहर डीसी से मुलाकात करने पहुंचे. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से भी पूरी रिपोर्ट मांगी. सागर के पिता राजेश पात्रो की बातों से इत्तेफाक रखते हुए विद्युत वरण महतो ने कहा कि उन्होंने सागर के इलाज के लिए अनुशंसा की थी.

कहा कि वे हर रोज उनके यहां इलाज के लिए आये लोगों की अनुशंसा करते हैं. फिर भी चूक हुई है, जो गलत है. सासंद का कहना है कि बच्चे के पास आयुष्मान कार्ड था फिर भी परिवार को इलाज के लिए भटकना पड़ा, जो काफी दुखद है.  इसमें किसकी लापरवाही है और कौन दोषी है,  कुछ दिनों में साफ हो जायेगा. उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि  हर स्तर से जांच होगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई भी होगी.

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कई संगठन विरोध में भी उतरे

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मानवता को शर्मशार कर देने वाली इस घटना को लेकर विभिन्न संगठन भी जांच की मांग करते हुए मैदान में उतर गये हैं. उपायुक्त कार्यालय परिसर में अपना विरोध जता रही सिहंभूम विकास परिषद ने डीसी से न सिर्फ पूरे मामले की जांच की मांग की, बल्कि निजी अस्पतालों पर भी कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने आयुष्मान कार्ड के बावजूद सागर का इलाज करने से मना कर दिया.

आपको बता दें कि मेडिट्रिना अस्पताल में सागर के इलाज की अनुशंसा उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने की थी. इसके बावजूद अस्पताल ने इलाज के 13 दिन बाद पिता राजेश पात्रो को कहीं और इलाज कराने के लिए कह दिया था.

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क्या है मामला

सोमवार को एमजीएम अस्पताल में परसुडीह निवासी राजेश पात्रो के 12 वर्षीय बेटे सागर पात्रो ने बेहतर इलाज के अभाव में अस्पताल परिसर में दम तोड़ दिया था. सागर के पास आयुष्मान कार्ड भी था.

पिता राजेश के अनुसार  उनके बेटे के दिल में छेद था. इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड के साथ तीन राज्यों के कई असप्तालों के चक्कर काटे. हर जगह कार्ड के बजाय पैसे की ही डिमांड की गयी. सोमवार को सागर की तबियत बिगड़ने पर वे सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनको एमजीएम रेफर कर दिया गया. एमजीएम पहुंचने तक सागर की मौत हो चुकी थी.

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