
Anuj Tiwari
Ranchi : राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के फेफड़े का प्रत्यारोपण होने के बाद उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है. उन्हें एक युवक का लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया है. यह युवक चेन्नई में एक सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हो गया था. उसे चेन्नई के उसी एमजीएम हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया था, जहां झारखंड के शिक्षा मंत्री का इलाज चल रहा है. सड़क हादसे में घायल युवक इलाज के दौरान वह ब्रेन डेड अवस्था में पहुंच गया.
इसी युवक के परिजन फेफड़ा डोनेट करने पर सहमत हुए और अंततः उनकी उदारता से जगरनाथ महतो को नयी जिंदगी, नयी सांसें हासिल हुईं. फेफड़ा प्रत्यारोपण के चौथे दिन उनकी स्थिति में काफी सुधार है. एमजीएम के डॉक्टरों का कहना है कि जगरनाथ महतो को अगले चार-पांच दिनों के भीतर वेंटीलेटर सपोर्ट से हटाकर आईसीयू में शिफ्ट किये जाने की उम्मीद की जा रही है.
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ब्रेन डेड व्यक्ति की तलाश कर रही थी सरकार
बता दें कि महतो एशिया के तीसरे व्यक्ति हैं, जिन्हें सफल रूप से लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया है. महतो के फेफड़े के प्रत्यारोपण के लिए झारखंड सरकार से लेकर चेन्नई के डॉक्टर लगातार डोनर की खोज कर रहे थे. इस बीच उन्हें एकमो मशीन के सपोर्ट पर रखा गया था, ताकि ऑक्सीजवन सैचुरेशन मेंटेन रखा जा सके.
मंत्री के परिजन भी डोनर की तलाश में इंटरनेट से लेकर अस्पतालों में संपर्क तलाश रहे थे. इसी बीच दस नवंबर को जगरनाथ महतो के फेफड़े के प्रत्यारोपण के संयोग बनने लगे. अचानक चेन्नई में ही सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक युवक को उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां जगरनाथ महतो भर्ती हैं.
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पहले ब्रेन डेड होने के बाद शुरू किया गया प्रत्यारोपण
एक दिन बाद ही युवक ब्रेन डेड अवस्था में पहुंच गया. हॉस्पिटल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों से बात की तो वे अंगदान को तैयार हो गये. डोनर का नाम चिकित्सा नियमों के तहत गुप्त रखा जाता है. यहां तक कि डोनर के परिजनों को भी यह जानकारी नहीं दी जाती कि मृतक के किस अंग का उपयोग कहां और कैसे किया जायेगा.
इधर, शिक्षा मंत्री महतो के स्वास्थ्य पर करीब से नजर रख रहे झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सारी प्रगति से अवगत थे. उन्हें बताया गया कि डोनर मिल चुका है और दोनों की सभी मेडिकल जांच पूरी तरह से फिट है. इसके बाद मंत्री महतो की सर्जरी की शुरुआत की गयी.
करीब सात घंटे चली थी सर्जरी
डॉक्टरों की टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि सफल प्रत्यारोपण किया जा सका. प्रत्यारोपण करीब सात घंटे तक किया किया, जिसके बाद मंत्री महतो को क्रिटिकल केयर यूनिट में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. करीब दो सप्ताह तक यहां रहने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है.
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