JharkhandLead NewsRanchi

सोमवार को फिर होगी भाजपा विधायकों की बैठक, बनेगी विशेष सत्र के लिए रणनीति

Ranchi: प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज पार्टी विधायकों की बैठक हुई. सांसद और प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोमवार को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र के लिए तैयारियों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका. अब सोमवार की सुबह 9 बजे एक बार फिर सभी विधायक जुटेंगे और सत्र के लिए रणनीति तय करेंगे. बैठक के बाद विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से कहा कि सीएम हेमंत को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है. सरकार ने कल विश्वास मत हासिल करने के लिए एक दिवसीय सत्र आहूत किया है, यह समझ से परे है. सामान्यतः सरकार विश्वास मत तब हासिल करती है जब वैसा करने के लिए राज्य के राज्यपाल महोदय या फिर कोर्ट आदेश दे. लेकिन झारखंड के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है. सरकार को अपने विधायकों पर ही भरोसा नहीं है. तभी तो मुख्यमंत्री स्वयं बस के आगे की सीट में बैठ कर पहरेदारी करते हुए हवाई अड्डा सभी विधायकों को ले गए. हद तो तब हो गयी जब कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बस को हवाई अड्डा के भीतर तक ले गए. यह विचित्र स्थिति है और बताता है कि सीएम डरे हुए हैं.

अपने ही विधायकों से है डर

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री को अपने ही विधायकों से डर है. वे लगातार डर रहे कि कहीं अपने ही उनका साथ न छोड दें. इसलिये उन्हें राज्य में अपनी सरकार होने के बावजुद भी छत्तीसगढ़ भेजा गया. वहाँ पर जिस होटल में इन्हें ठहराया गया, चारों तरफ से बाड़ लगाकर घेराबंदी कर दी गयी ताकि कोई उनसे मिल न सके. विधायकों का फ़ोन भी जब्त कर लिया गया. जिस प्रकार से चिड़िया घर में दो- तीन जानवरों को दर्शकों को दिखाने के लिए निकाला जाता है, ठीक उसी प्रकार से वहां पर ठहरे विधयकों में से सिर्फ तीन चार विधायकों को ही प्रेस के सामने लाया गया था. वहां पर भी मुख्यमंत्री डर रहे थे कि कहीं विधायक उनका साथ न छोड़ दें.

एक सवाल के जबाब में बाबूलाल ने कहा कि भाजपा तो मुख्यमंत्री की इस्तीफा की मांग करेगी ही क्योंकि जब मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपने नाम पर खदान लीज में लिया. यह आफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बनता है. मुख्यमंत्री के द्वारा कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगने के बाद भाजपा विपक्षी दल होने के नाते उनसे इस्तीफा की मांग करेगी ही. भाजपा राज्य की सम्पदा को किसी को लूटने की अनुमति नहीं दे सकती है.

इसे भी पढ़ें: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का ट्विटर, फेसबुक अकाउंट हैक,राष्ट्रविरोधी तत्वों पर शक!

Related Articles

Back to top button