
New Delhi : भारत और अमेरिका ने मंगलवार को 3 अरब डालर के रक्षा सौदे को अंतिम रूप दिया और तीन समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर किये जिसमें से एक समझौता ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को समग्र वैश्विक सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का ऐतिहासिक और भव्य स्वागत हमेशा याद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के संबंधों को 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण गठजोड़ बताते हुए कहा कि यह संबंध सिर्फ दो सरकारों के बीच नहीं हैं, बल्कि लोक केंद्रित हैं.
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समझौते के बाद ट्रंप ने क्या कहा
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी इस यात्रा को अविस्मरणीय, असाधारण और सार्थक बताते हुए कहा ‘‘हमने तीन अरब डॉलर के रक्षा समझौतों को अंतिम रूप दिया.’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका-भारत की साझेदारी सही मायने में पहले से काफी मजबूत हुई है और दोनों देशों ने शानदार समझौते किये हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त संवाददाता संबोधन में कहा, ‘‘ राष्ट्रपति ट्रंप ने मादक पदार्थ और इससे जुड़ी समस्याओं से निपटने को प्राथमिकता दी है. आज हमारे बीच मादक पदार्थों की तस्करी, मादक पदार्थ से जुड़े आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी गम्भीर समस्याओं के बारे में एक नए तंत्र पर भी सहमति बनी.’’
मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा ‘‘आतंकवाद के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराने के लिए आज हमने अपने प्रयासों को और आगे बढ़ाने का निश्चय किया है.’’
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वैश्विक सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय
उन्होंने कहा, ‘‘ आज राष्ट्रपति ट्रंप और मैंने हमारे सम्बन्धों को समग्र वैश्विक सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय किया है.’’
मोदी ने कहा कि कुछ ही समय पहले स्थापित हमारा सामरिक ऊर्जा गठजोड़ सुदृढ़ होता जा रहा है और इस क्षेत्र में आपसी निवेश बढ़ा है.
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा ‘‘हमने मादक पदार्थ रोधी केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया. हम सतत परियोजनाओं के लिए ‘ब्लू डॉट नेटवर्क’ पर काम कर रहे हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने में सहयोग करने को सहमत हुए.’’ साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद से निपटने के लिए पाकिस्तान के साथ सकारात्मक रूप से काम कर रहा है
ट्रंप ने कहा ‘‘हमने 5जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत में स्थिति पर भी चर्चा की.’’
दूसरी ओर, मोदी ने कहा कि तेल और गैस के लिए अमेरिका भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण स्त्रोत बन गया है. उन्होंने कहा ‘‘भारत अमेरिका गठजोड़ उद्योग 4.0 और 21वीं शताब्दी की अन्य उभरती प्रौद्योगिकी पर भी नवोन्मेष और उद्यमिता के नए मुक़ाम स्थापित कर रहा है.’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ भारतीय पेशेवरों की प्रतिभा ने अमरीकी कंपनियों के प्रौद्योगिकी नेतृत्व को मजबूत किया है. वैश्विक स्तर पर भारत और अमेरिका का सहयोग हमारे समान लोकतांत्रिक मूल्यों और उद्देश्यों पर आधारित है. ख़ासकर हिन्द प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए यह सहयोग विशेष महत्व रखता है.’’
मोदी ने कहा ‘‘भारत और अमेरिका की इस विशेष मित्रता की सबसे महत्वपूर्ण नींव हमारे लोगों से लोगों के बीच संबंध है. चाहे वह पेशेवर हों या छात्र हों, अमेरिका में भारतीय समुदाय का इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा है.’’
इससे पहले, मीडिया के समक्ष संक्षिप्त टिप्पणी में प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए, भारत आने के लिए समय निकालने पर उनका आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत में पिछले दो दिन शानदार रहे, विशेष तौर पर मोटेरा स्टेडियम का कार्यक्रम.
स्टेडियम में करीब सवा लाख लोगों की भीड़ जुटी
ट्रंप ने मीडिया के समक्ष मोदी से कहा, ‘‘ यह मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी. स्टेडियम में करीब सवा लाख लोग थे, मैं समझता हूं कि वे मुझसे अधिक आपके लिए थे. जब भी मैं आपका नाम लेता था, लोगों की हर्षध्वनि सुनाई देती… लोग आपको बेहद पसंद करते हैं.’’
दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया का मंगलवार को यहां राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया. ट्रंप ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में तीनों सेनाओं की मिलीजुली टुकड़ी की सलामी गारद का निरीक्षण किया.
राष्ट्रपति के तौर पर भारत की अपनी पहली यात्रा पर आए ट्रंप ने सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट जा कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की.
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