
Bokaro: जिले के गोमिया थाना क्षेत्र के सियारी पंचायत में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है. इलाके के कोयोटांड के आदिवासी टोला में जंगली हाथियों का एक झुंड बीती रात घुस आया और जमकर उत्पात मचाया. इस दौरान एक 50 वर्षीय आदिवासी ग्रामीण रूपन को हाथियों ने पटककर मार डाला. साथ ही खेतों में लगी फसलों को खाने के बाद उसे रौंद डाला.
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार रात करीब लगभग 11:30 बजे के आसपास छह से ज्यादा हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और फसलों को रोंदने लगा. इस दौरान रुपन मांझी को लगा की खेत में मवेशी घुस आए हैं, और उसकी फसलों को खा रहे हैं. वह बिना टॉर्च व रोशनी के ही अपने खेत में लगे फसलों को बचाने के लिए वहां पहुंच गया. और मवेशी समझ हाथियों को भगाने लगा. रात के अंधेरे में और मौसम खराब होने के कारण वो कुछ समझ पाता इससे पहले ही एक हाथी ने उसे लपेट कर जमीन पर पटक दिया. और उसके सिर को कुचल दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. बाद में ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर सभी लोग जमा हुए और हाथियों को किसी तरह से गांव से भगाया.
इधर घटना की सूचना मिलने पर गोमिया थाना प्रभारी आशुतोष कुमार एवं तेनुघाट वन क्षेत्र के रेंजर श्री भगत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. रेंजर ने मृतक परिवार के आश्रितों को मुआवजा देने की बात की, एवं सरकार द्वारा प्रद्त सहायता एवं अन्य क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाने की बात की. मौके पर गोमिया के प्रखंड प्रमुख गुलाब चंद हांसदा, पूर्व मुखिया पूरण मांझी, माकपा नेता श्याम सुंदर महतो, अवर निरीक्षक मुकेश कुमार लखन महतो सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे.
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