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आधे-अधूरे बने हॉस्टल में रिम्स की छात्राओं को शिफ्ट होने का मिला फरमान, खुद से बेड-पंखा की व्यवस्था करने को कहा

Ranchi: रिम्स के इंटर्न व पीजी थर्ड इयर की लगभग 100 छात्राओं को दो दिनों के भीतर पुराने हॉस्टल को छोड़ कर नये हॉस्टल में शिफ्ट होने का फरमान मिला है. गौरतलब हो कि इस तरह का फरमान दूसरी बार जारी किया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक छात्राओं को जिस नये हॉस्टल में शिफ्ट होने को कहा जा रहा है, वहां न सोने के लिए बेड का इंतजाम है, न पंखा और न ही पुख्ता सुरक्षा. इसके अलावा नये हॉस्टल में कई तरह की समस्याएं हैं.

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तीन बार बदलवाया हॉस्टल

हॉस्टल की समस्या के संबंध में छात्राओं ने बताया कि एमबीबीएस इंटर्न कर रही 63 छात्राओं को हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा गया है. इंटर्नशिप शुरू होने से लेकर अब तक दो बार बदलाव किया जा चुका है. फिलहाल इंटर्नशिप की छात्राएं डेंटल हॉस्टल में रह रही हैं. छात्राओं का कहना है कि अगले छह माह में पीजी परीक्षा होगी. ऐसे में बार-बार हॉस्टल बदलने से पढ़ाई में बाधा हो रही है. छात्राओं ने बताया कि जून माह में ही डेंटल हॉस्टल के डबल से सिंगल में शिफ्ट किया गया है.

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आधा-अधूरा है नया हॉस्टल

रिम्स में नये गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण हुआ है. यह हॉस्टल अभी तक पूरा नहीं हुआ है. इसी हॉस्टल में इंटर्न की छात्राओं को जून माह में ही शिफ्ट करने को कहा गया था, तब वार्डन शालिनी सुंदरम ने आधे-अधूरे बने हॉस्टल में छात्राओं को शिफ्ट करने से मना कर दिया था. नया हॉस्टल आज भी अधूरा ही है, लेकिन वार्डन शालिनी सुंदरम ने उसी हॉस्टल में दो दिनों के अंदर छात्राओं को शिफ्ट होने को कहा है.

खुद लगाइये बेड व पंखा

नये हॉस्टल में इंटर्न की 63 व पीजी थर्ड इयर की लगभग 30 से अधिक छात्राओं को शिफ्ट होने के लिए वार्डन शलिनी सुंदरम ने कहा है, लेकिन छात्राओं ने बताया कि नया हॉस्टल पूरी तरह से बन कर तैयार नहीं हुआ है. सिंगल रूम हॉस्टल में न तो बेड लगा है और न ही पंखा लगाया गया है. इधर वार्डन ने छात्राओं को खुद से बेड और पंखें का इंतजाम कर दो दिनों में शिफ्ट होने को कहा दिया. जानकारी के मुताबिक अभी डेंटल हॉस्टल के मेस में छात्राओं को 80 रुपये प्रति दिन लगता है, जबकि नये हॉस्टल में एक दिन के खाने के लिए 125 रुपये चुकाने होंगे.

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