Opinion

ढुल्लू महतो के आगे क्यों मजबूर है बहुमत वाली रघुवर सरकार

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Surjit Singh

Ranchi: धनबाद जिला की पुलिस बाघमारा के विधायक ढुल्लू महतो के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी ईडी (इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) को नहीं दे रही है. धनबाद पुलिस पिछले एक साल से दस्तावेज नहीं दे रही है.

क्या इसकी वजह ढुल्लू महतो का सत्ताधारी दल का विधायक होना है. क्या ढुल्लू महतो इतना शक्तिशाली है कि धनबाद की पुलिस उससे डरती है. या फिर सत्ता शीर्ष के इशारे पर धनबाद पुलिस काम कर रही है.

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धनबाद के बाघमारा को लेकर एक सवाल यह भी है कि क्या झारखंड की बहुमत वाली सरकार ढुल्लू महतो के आगे मजबूर है. मजबूर है, तो इसकी वजह क्या है. उस इलाके के ईंट-भट्ठा से जुड़े तमाम व्यवसायियों ने ढुल्लू महतो के खिलाफ खुल कर रंगदारी मांगने तक के आरोप लगाये.

कंपनी के प्रतिनिधियों को धमकाने का वीडियो भी वायरल हुआ, लेकिन धनबाद पुलिस ने ढुल्लू महतो के खिलाफ कार्रवाई नहीं की. पुलिस महकमा गृह विभाग के अधीन काम करता है और राज्य के गृह मंत्री खुद मुख्यमंत्री ही हैं. फिर भी ढुल्लू के मामले में इतनी शिथिलता किसी को भी अचरज में डाल सकती है.

13 जुलाई को प्रभात खबर के धनबाद संस्करण में पहले पन्ने पर एक रिपोर्ट छपी है. रिपोर्ट की हेडिंग हैः आउटसोर्सिंग संचालकों को “सरदार” का फरमान, बाघमारा में काम करना है, तो देनी पड़ेगी हिस्सेदारी.

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खबर में बताया गया है कि बीसीसीएल ने निचितपुर में 2.60 अरब और बेनीडीह में 2.15 अरब रुपये के कोयला उत्खनन व ट्रांसपोर्टिंग का टेंडर निकाला है.

टेंडर पेपर खरीदने वाली कंपनियों को बाघमारा के “रंगदारों के सरदार” ने फऱमान जारी किया है. कहा है कि बाघमारा में आउटसोर्सिंग करना है या काम लेना है, तो पहले उनकी कंपनी (सरदार की) के साथ ज्वाइंट वेंचर (जेबी) बनाना होगा. इसके बाद ही काम मिलेगा.

उसी खबर में यह भी जिक्र है कि इससे पहले सैली इंफ्रा, बी निर्माण प्राइवेट लिमिटेड, आइसीसीएमएल, केआरआर आदि कंपनियों ने बाघमारा में काम लिया. और धमकी के कारण बीच में ही काम छोड़ कर चले गये.

खबर में रंगदारों के “सरदार” के नाम का जिक्र नहीं किया गया है. लेकिन बाघमारा में रंगदार और रंगदारों का “सरदार” कौन है, यह समझना किसी के लिये मुश्किल का काम नहीं है.

अगर ना समझ आये तो एक बार धनबाद के कतरास और बाघमारा क्षेत्र की सड़कों पर घूम आइये. कहीं भी चाय-नाश्ता कर लीजिये. रंगदारों के सरकार का नाम समझ में आ जायेगा.

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