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यही ट्रेंड रहा तो दिसंबर में ही कोरोना मुक्त हो जायेगा झारखंड !

  • अबतक 1,10278 मरीज मिले हैं, जिसमें 1,07496 लोग ठीक हो चुके हैं
    – 986 लोगों की कोरोना से मौत हो गयी
     – मात्र 1734 एक्टिव मरीज

Ranchi: झारखंड में कोरोना अब कमजोर होता दिख रहा है. कोरोना के मरीज मिलने और संक्रमितों के स्वस्थ होने का मौजूदा ट्रेंड  जारी रहा तो दिसंबर महीने में ही झारखंड कोरोना मुक्त हो सकता है. झारखंड में प्रतिदिन औसतन 25 हजार लोगों के सैंपल लिये जा रहे हैं, जिसमें औसतन 180 मरीज ही मिल रहे हैं. और ठीक होने वाले संक्रमितों का औसत 250 के करीब है.

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19 हजार सैंपल में मात्र 92 संक्रमित मिले

रविवार को 19 हजार लोगों के सैंपल लिये गये पर मात्र 92 संक्रमितों की पहचान हो सकी. वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 150 है. रिम्स क्रिटिकल केयर के इंचार्ज के अनुसार अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो झारखंड इसी महीने कोरोना मुक्त हो सकता है. ऐसा इसलिये क्योंकि मरीजों के मिलने की संख्या से अधिक ठीक होने वालों की संख्या है. मई से अगस्त तक जहां 25 हजार सैंपल की जांच होने पर करीब 800 से 900 मरीज प्रतिदिन की औसत से मिल रहे थे वहीं अब यह घटकर 100 से भी नीचे आ चुका है.

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एक्टिव मरीज मात्र 1796

डाॅक्टरों के अनुसार फिलहाल के ट्रेंड के अनुसार मरीज जहां 200 के करीब मिल रहे हैं वहीं ठीक होने वालों की संख्या 250 के करीब है. झारखंड में वर्तमान में 1796 एक्टिव मरीज है. रिकवरी रेट 97.5 के करीब है जो जल्द ही 99 के करीब हो जाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार इस रफ्तार के तहत महीने के अंत में करीब 200 के करीब ही एक्टिव मरीज बच जाएंगे. इससे झारखंड कोरोना मुक्त होने के करीब पहुंच जाएगा. झारखंड का डबलिंग रेट 418 दिन का हो गया है जो राष्ट्रीय औसत से दोगुना है. राज्य में अबतक 1,10278 मरीज मिले हैं, जिसमें 1,07496 लोग ठीक हो चुके हैं. और 986 लोगों की कोरोना से मौत हो गयी.

…लेकिन लापरवाही पड़ जायेगी भारी

हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि कोरोनो नियंत्रण में जरूर आता दिख रहा है, लेकिन इसे लेकर किसी तरह की लापरवाही या अनदेखी नहीं की जा सकती. दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के उदाहरण बताते हैं कि अगर सुरक्षा चक्र में लापरवाही हुई तो कोरोना का संक्रमण फिर भयावह हो सकता है. अभी जो हालात हैं, उसमें ‘दो गज दूरी और मास्क है जरूरी’ के मूल नियम का हर हाल में पालन अनिवार्य है. इसमें कोई भी लापरवाही घातक हो सकती है.

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तारीखसैंपल  जांचमरीज   मिलेठीक हुए
7 दिसंबर1826092134
6 दिसंबर24097196288
5 दिसंबर25524219256
4 दिसंबर27608213288
3 दिसंबर23722206262
2 दिसंबर30589181227
1 दिसंबर40298167288

 

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